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इस साल तीन नवंबर तक तैयार हो सकती है कोरोना की वैक्सीन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जताई उम्मीद

वाशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, भारत समेत दुनिया के कई देश इस समय अपनी-अपनी कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण कर रहे हैं। कोरोना वैक्सीन बनाने की जद्दोजहद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एक बयान में इस साल 3 नवंबर तक कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद जताई है।

ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि कोरोना की वैक्सीन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव यानि 3 नवंबर तक बनकर तैयार हो सकती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों के दौरान कोरोना वैक्सीन के आने से चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस मुहिम का लक्ष्य लोगों की जिंदगियां बचाना है। इससे पहले भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपनी एक सभा में इसके संकेत दिए थे। उस वक्‍त भी उन्‍होंने कहा था कि 2020 के अंत तक हम कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बना लेंगे।

गौरतलब है कि अमेरिका की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना(Moderna) कोरोना वैक्सीन बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है। अमेरिका में फिलहाल मॉडर्ना(Moderna) की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण में पहुंच चुका है। पूर्व के मानव परीक्षणों में कई सौ लोगों पर इसको आजमाया जा चुका है। इसके चलते तीसरे चरण की प्रक्रिया में वैक्‍सीन से ज्‍यादा उम्‍मीदें बंध गई है। इस वैक्‍सीन पर ट्रंप प्रशासन की नजरें भी टिकी हैं। ट्रंप प्रशासन को इससे काफी उम्‍मीदें हैं।

NIH ने संख्‍या का नहीं किया खुलासा 

27 जुलाई को, NIH ने कहा कि अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक संभावित COVID-19 वैक्सीन के चरण तीन परीक्षण शुरू किए हैं, जिसे mRNA-1273 के रूप में जाना जाता है। एक अमेरिकी अधिकारी ने संख्याओं का खुलासा किए बिना कहा कि कई सौ लोग थे, जिन्‍होंने पहले दिन टीकाकरण करवाया।

18 मई को हुआ था ऐलान

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना का भी दावा है कि वह जल्‍द ही वह कोरोना वैक्‍सीन का निर्माण कर लेगी। मॉडर्ना का कहना है कि इस वैक्सीन की वजह से किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें कोरोना वायरस मौजूद नहीं होता। 18 मई को मॉडर्ना ने ऐलान किया था कि फेज-1 ट्रायल में इसके परिणाम सकारात्मक आए हैं। mRNA-1273 वैक्सीन को अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ और मॉडर्ना कंपनी ने तैयार किया गया है।

चूहों पर कारगर रही कोरोना वैक्सीन

अमेरिका की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना ने दावा किया है कि उनके द्वारा विकसित वैक्सीन चूहों की कोरोना संक्रमण से रक्षा करने में कामयाब रही है। नेचर नामक जर्नल में बुधवार को प्रकाशित एक अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार, एमआरएनए-1273 नामक टीके(वैक्सीन) ने चूहों में कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने वाली एंटीबॉडीज उत्पन्न कर दीं।

चूहों को एक माइक्रोग्राम के दो इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन दिए गए थे। अतिरिक्त प्रयोग करने पर पाया गया कि चूहों को एमआरएनए-1273 का एक एमसीजी या 10 एमसीजी टीका देने पर फेफड़ों को संक्रमण से सुरक्षा मिली। इस अध्ययन में शामिल अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजीज (एनआइएआइडी) के शोधकर्ताओं ने कहा कि इस टीके ने चूहों में मजबूत सीडी8 टी-कोशिका में प्रतिक्रिया भी पैदा की।

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