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असम : कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे थिएटर वर्कर्स का सीएम को खत, मदद का किया अनुरोध

गुवाहाटी: कोरोना काल में इस वक्त कई जिंदगीयां आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। हालांकि लॉकडाउन में राहत के बाद लोग अपने कामों पर वापस लौटने लगे हैं लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं जो आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। असम में थिएटर वर्कर्स ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से आग्रह किया है कि वे इस पेशे से जुड़े लोगों को वित्तीय सहायता दें क्योंकि वे COVID-19 संकट के मद्देनजर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। असम में प्रोफेशनल थिएटर वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्हें समर्थन प्रदान करने के लिए सीएम द्वारा हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि कोरोनो महामारी के दौरान समुदाय के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इसने कई थिएटर कलाकारों और श्रमिकों के करियर को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि थिएटर कर्मचारियों को इस वक्त एक गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि COVID-19 महामारी के कारण लगभग चार महीने उनकी कोई कमाई नहीं हो रही है।

थिएटर वर्कर्स की एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा, “कई लोग सब्जियां बेच रहे हैं, जबकि कुछ दैनिक मजदूरी कर रहे हैं। कुछ ने थिएटर प्रोडक्शंस में इस्तेमाल की गई अपनी बेशकीमती चीजों को भी बेच दिया है।” राज्यभर में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो अपनी आजीविका के लिए थिएटर पर निर्भर हैं। ये लोग स्क्रिप्टिंग, एक्टिंग, सेट डिजाइन, मेकअप और लाइट जैसे अलग-अलग सेगमेंट में काम करते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि थिएटर कलाकारों के योगदान से असमिया संस्कृति और मूल्यों को काफी समृद्ध किया गया है और कई लोगों द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से राज्य की प्रशंसा भी की गई है।

प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “असमिया समाज में अपने योगदान के बावजूद, अधिकांश थिएटर पेशेवरों को किसी भी कल्याणकारी योजना में शामिल नहीं किया गया है, जो कि एक चिंता का विषय है।”

उनके अनुसार, थिएटर की हस्तियों ने लॉकडाउन को लागू करने के सरकार के फैसले का पूरे दिल से समर्थन किया है और लोगों को कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लागू दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में धीरे-धीरे राहत दी जा रही है और लोग अपने सामान्य जीवन में वापस लौटने लगे हैं, लेकिन थिएटर समूहों के लिए फिलहाल यह कठिन हो रहा है। लोग अभी बड़े समारोहों में शामिल होने से बच रहे हैं।

थिएटर कर्मियों ने कहा, “इस तरह की स्थिति में, हमारे पास इस लड़ाई, में सहायता के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसलिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप कम से कम अगले छह महीनों के लिए हमारी सहायता करें।” ज्ञापन पर भारत पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन की असम इकाई समेत कई पेशेवर थिएटर समूहों के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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