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कोरोना संक्रमण के बीच लंदन में समुद्र तट पर लोगों का हुजुम दे रहा है खतरे को दावत

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के इस दौर में दुनिया भर की सरकारे लोगों के घूमने-फिरने, और गैदरिंग से दूर रहने के लिए नियम कानून बना रही हैं, लेकिन लोग हैं कि मानते नहीं। ब्रिटेन में इन दिनों लोग उमस और शिद्दत की गर्मी से परेशान हो चुके हैं। नतीजा लोग सरकार की गाइडलाइन को नहीं मान रहे हैं और लाखों की संख्या में समुद्र तट, नदियों के किनारों और जंगलों में सैर सपाटे के लिए निकल गए हैं।

ब्रिटेन में हर जगह तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। ब्रिटेन के लोगों को 30 डिग्री का तापमान बरदाश्त नहीं हो रहा। इसलिए हर कोई अपने घरों से निकल कर सैर सपाटे के लिए समुद्र तट की ओर जाने लगे हैं। तापमान का यह हाल है कि दक्षिण पूर्व ब्रिटेन में यह रिकॉर्ड 38 डिग्री तक पहुंच गया है। आज यानी शुक्रवार का दिन इस साल ब्रिटेन का सबसे गर्म दिन बन गया है। लंदन के मौसम विभाग ने इतनी गर्मी में बुजुर्गों और बच्चों को बाहर न निकलने की सलाह दी है लेकिन दोनों नहीं मान रहे हैं। कई बीचों पर इन लोगों का जमावड़ा देखा जा रहा है।

इन सब के बीच ब्रिटेन में कोविड-19 का संक्रमण एक बार फिर से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार दोबारा से लॉकडाउन लगाने पर भी विचार कर रही है। स्थानीय निकायों ने हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है। इसके बावजूद लंदन के सैंडबैंक, मुडेफोर्ड, हाईक्लिफ और डुर्ले चीने में सुबह से पार्किंग खचाखच भरा है और लोगों को तिल रखने तक की जरूरत नहीं है। ईस्ट सॉसेक्स में तो सबसे पहले पार्किंग फुल हो गया। मौसम विभाग ने कहा है कि कैंब्रिज में शाम तक यह दिन पिछले कई दशकों में सबसे गर्म दिन में गिना जाएगा। कैरेबियन इलाकों से ज्यादा दक्षिणी इंग्लैंड में गर्मी है। इससे पहले ब्रिटेन में 25 जुलाई 2019 को 38.7 डिग्री तापमान रहा था जबकि उससे पहले 3 अगस्त 1990 को 37.1 डिग्री तापमान था। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का यह हाल है कि शुक्रवार को 892 नए लोगों को कोविड-19 सक्रमण हुआ।

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