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दुनिया में उम्मीद जगा रही कोविड-19 वैक्‍सीन पर WHO को नहीं भरोसा! कहा- इससे नहीं होगा कोई जादू

जहां एक तरफ महामारी अपनी रफ़्तार पकड़ती जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ कोविड-19 टीके बनाने के दावे  भी कफी बढ़ते जा रहे है। आज लगभग हर देश अव्वल आने की दौड़ में लगा हुआ है, लेकिन यह कहीं ना कहीं चिंता का विषय है। वैज्ञानिक का मानना है कि यह दौड़ उलटी पड़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पर गंभीरता दिखाते हुए  चेतावनी जारी की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ महीनों में वैक्सीन आने के दावों के बीच कहा कि यह कोई जादुई गोली नहीं है जो कोरोना वायरस को पलक झपकते खत्म कर देगी। डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम घेब्येयियस का मानना है कि कोरोना से लड़ने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है इसलिए सबको साथ मिलकर प्रयास करने होंगे। इसलिए सबको साथ मिलकर प्रयास करने होंगे।

वैश्विक स्वास्थ्य के सहायक प्रोफेसर वैक्सीनोलॉजिस्ट जॉन एंड्रस ने भी चेताते हुए कहा कि यह खतरनाक है कि वैक्सीन बनाने की रेस में हम यह भूल जाएं कि हमें इस समय क्या करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 के लिए प्रभावी टीके को बना पाना इतना आसान नहीं है, जैसा हम सोच रहे हैं। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में वैश्विक जन स्वास्थ्य कानून विशेषज्ञ, लॉरेंस गोस्टिन ने भी हाल ही में रूस के दावों पर चिंता जताते हुए कहा था कि वह बहुत जल्दबाजी कर रहा है जिससे कि टीका न सिर्फ अप्रभावी होगा बल्कि असुरक्षित भी।

गौरतलब है कि रूस ने दावा किया था कि वह देश में अक्टूबर से ही मास वैक्सीनेशन का कार्यक्रम शुरू करने वाला है। इसके तहत सबसे पहले डॉक्टर्स और टीचर्स को वैक्सीन दी जाएगी, इसके बाद इमरजेंसी सर्विसेज से जुड़े लोगों का नंबर आएगा। माना जा रहा है कि रूस में इस वैक्सीन को 12 अगस्त तक मंजूरी मिल सकती है,  इसका क्लीपिकल ट्रॉयल सफल रहा है।

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