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मुख्‍यमंत्रियों की बैठक में पीएम मोदी बोले, बाढ़ की पूर्व सूचना प्रणाली में नई तकनीक का उपयोग हो

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ की पूर्व सूचना और चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन तकनीक के अत्यधिक इस्तेमाल पर जोर दिया है। बाढ़ के बारे में पहले ही जानकारी देने वाली व्यवस्था बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने केंद्रीय और राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को भी आवश्यक बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बाढ़ के हालात की समीक्षा करने के लिए छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक में यह टिप्पणी की। इसमें असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और केरल के मुख्यमंत्रियों और कर्नाटक के गृहमंत्री ने हिस्सा लिया।

नेपाल के नहीं सहयोग करने से बिहार की स्थिति बिगड़ी

बैठक में दक्षिण पश्चिम मानसून और बाढ़ से पैदा होने वाले हालात से निपटने के लिए राज्यों की तैयारियों का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने स्थानीय स्तर पर बाढ़ की पूर्व सूचना प्रणाली में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि नदियों के तटबंधों के टूटने, बाढ़ और आकाशीय बिजली के खतरों के प्रति संबंधित इलाके के लोगों को समय से पहले सतर्क किया जा सके। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ से निपटने में नेपाल द्वारा सहयोग नहीं देने का मुद्दा उठाया, जिसके चलते राज्य के उत्तरी भाग में हालात बिगड़ गए हैं।

नेपाल से निकलने वाली कई नदियों में उफान के चलते राज्य के कई क्षेत्र डूब गए हैं। कुमार ने कहा कि नेपाल कई साल से सहयोग नहीं करने की नीति पर चल रहा है। उन्होंने इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की भी गुजारिश की। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 6 अगस्त को बिहार में कई जिलों को प्रभावित करने वाली बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ सहित 30 से अधिक टीमों को तैनात किया गया था। बाढ़ के कारण राज्य के 16 जिले प्रभावित हुए हैं।

केरल में पिछले कई हफ्तों से हो रही है लगातार बारिश

केरल से मुख्यमंत्री एम पिनराई विजयन, राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन, स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, मुख्य सचिव डॉ. विश्व मेहता और डीजीपी लोकनाथ बेहरा बैठक में शामिल हुए। केरल के अलाप्पुझा जिले में कुट्टनाड तालुक के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। केरल सरकार के अनुसार, पांच और शव बरामद होने के बाद सोमवार को इडुक्की में राजमाला भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। जैसाकि केरल में पिछले कई हफ्तों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कासरगोड जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जिला कलेक्टर (डीसी) डॉ. डी सजीथ बाबू ने कहा कि किसी भी बाढ़ से संबंधित मुद्दों का सामना करने के लिए तैयार है।

महाराष्‍ट्र ने केंद्रीय सहायता की मांग की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तीन जून को आए समुद्री तूफान निसर्ग और मुंबई में पांच अगस्त को भारी बरसात से हुए नुकसान को देखते हुए तत्काल केंद्रीय सहायता देने की मांग की। कर्नाटक सरकार ने राज्य के दक्षिणी हिस्से में बाढ़ से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए चार हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा। बैठक में कर्नाटक से राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई, राजस्व मंत्री आर अशोक ने भाग लिया। मांड्या जिले के उपायुक्त एमवी वेंकटेश ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में कावेरी नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण एहतियात के तौर पर जनता को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

लगातार बारिश के कारण कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, कावेरी नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जबकि भागमंदला और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी है। कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि हमने पीएम से बात की और उन्हें भारी बारिश से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी। हमने एसडीआरएफ फंड के लिए 395 करोड़ का इंस्टॉलमेंट मांगा है। राज्य को 4000 करोड़ के विशेष मदद की भी मांग की गई है।

करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय व जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय मंत्रालयों और संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण के मसले पर कहा कि सभी राज्य यह सुनिश्चित करें कि लोग सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहने और अन्य प्रोटोकाल का पालन करें। उन्होंने राहत सामग्रियों में मास्क, सैनिटाइजर और हाथ धोने के लिए जरूरी सामान को शामिल करने को भी कहा। बुजुर्गों, गर्भवतियों और पहले से ही गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया।

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