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मीडिया टाइकून जिमी लाइ की गिरफ्तारी पर चीन पर बरसा अमेरिका, हांगकांग पर सियासत गरम

वाशिंगटन। हांगकांग में जिमी लाइ की गिरफ्तारी पर अमेरिका ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मीडिया टाइकून जिमी लाइ की गिरफ्तारी पर चीन को फटकार लगाते हुए उन्‍हें महान देशभक्‍त कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनके इस कदम से यह संभावना प्रबल हो गई है कि बीजिंग हांगकांग की आर्थिक केंद्र की स्थिति को बदलने में कामयाब नहीं हो सकेगा।

राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून से अमेरिका को खतरा 

पोम्पिओ ने अमेरिका और चीन के रिश्‍तों पर बात करते हुए कहा कि बीजिंग में जो कुछ हो रहा है, वह दोनों देशों के संबंधों के लिए ठीक नहीं है। चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की क्रियाकलापों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ रहा है। चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून ने अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के टीकटॉक और मैसेजिंग ऐप वीच पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिया है।

लाइ की गिरफ्तारी, लोकतंत्र पर प्रहार 

खास बात यह है कि लाइ की गिरफ्तारी चीन के नए सुरक्षा कानून के तहत की गई है। इस गिरफ्तारी का मकसद हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों को कमजोर करना और उनकी आवाज को दबाना है। लाइ की गिरफ्तारी के साथ हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों एवं मीडिया की स्‍वतंत्रता खतरे में पड़ गई है। यह लोकतंत्र और मीडिया पर प्रहार है। अमेरिका ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चीन को खबरदार किया है। अमेरिका ने हांगकांग के इस कदम को वापस लेने को कहा है।

विदेशी ताकतों के साथ साठगांठ के संदेह में किया गया गिरफ्तार 

बता दें कि हांगकांग के मीडिया के बेताज बादशाह जिम्मी लाइ को विदेशी ताकतों के साथ साठगांठ के संदेह में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल हुए प्रदर्शनों के बाद शहर में बीजिंग की ओर से लागू किए गए नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत यह सबसे हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी है। उधर, हांगकांग पुलिस ने कहा कि नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने के संदेह में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन बयान में गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम का ब्यौरा नहीं दिया गया है। बता दें कि लोकप्रिय टैब्लॉयड ‘एप्पल डेली’ के मालिक लाइ हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाने वाली प्रमुख हस्ती हैं और लगातार चीन के निरंकुश शासन की आलोचना करते रहे हैं।

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