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जबरदस्त गिरावट से सोना वायदा 50,000 के स्तर से नीचे, चांदी में भी आई हजारों रुपये की मंदी

नई दिल्ली। घरेलू वायदा बाजार में बुधवार सुबह सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर बुधवार सुबह 10 बजकर 01 मिनट पर पांच अक्टूबर 2020 के सोने का वायदा भाव 1,973 रुपये की जबरदस्त गिरावट के साथ 49,956 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। इसके अलावा चार दिसंबर 2020 के सोने की वायदा कीमत की बात करें, तो इस समय यह 1,920 रुपये की भारी गिरावट के साथ 50,207 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा था। वैश्विक स्तर पर भी बुधवार सुबह सोने के वायदा कीमत में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली।

घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में भी बुधवार सुबह जबरदस्त गिरावट देखी गई है। एमसीएक्स पर चार सितंबर 2020 की चांदी की वायदा कीमत बुधवार सुबह 9 बजकर 59 मिनट पर 6,024 रुपये की जबरदस्त गिरावट के साथ 60,910 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इसके अलावा चार दिसंबर 2020 की चांदी का वायदा भाव बुधवार सुबह 10 बजकर 1 मिनट पर 6,262 रुपये की भारी गिरावट के साथ 63,325 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रहा था।

सोने के वैश्विक भाव में भी जबरदस्त गिरावट

सोने की वैश्विक कीमतों में भी बुधवार सुबह जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, बुधवार सुबह कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव 2.75 फीसद या 53.50 डॉलर की जबरदस्त गिरावट के साथ 18,92.80 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा। इसके अलावा सोने का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 1.81 फीसद या 34.65 डॉलर की गिरावट के साथ 1,877.24 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा।

वैश्विक चांदी की कीमतें भी टूटी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतों में भी बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कॉमेक्स पर बुधवार सुबह चांदी का वायदा भाव 6.75 फीसद या 1.76 डॉलर की गिरावट के साथ 24.29 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 3.21 फीसद या 0.79 डॉलर की गिरावट के साथ 24 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखा।

जानिए क्या होता है वायदा भाव

सोने का कारोबार दो तरह से होता है। एक वायदा बाजार में और दूसरा हाजिर बाजार में। वायदा कारोबार कमोडिटी एक्सचेंज पर होता है। वायदा कारोबार में वस्तु को डिजिटल माध्यम से खरीदा और बेचा जाता है। वायदा बाजार में वस्तु के पुराने और नए भावों के आधार पर भविष्य की कीमतों में सौदे होते हैं। इस बाजार में एक तय तारीख तक के लिए सौदे होते हैं। वायदा बाजार का सीधा असर हाजिर बाजार पर पड़ता है। हाजिर बाजार और वायदा बाजार में वस्तु की कीमत में कोई बड़ा अंतर नहीं होता है।

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