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नियमित ट्रेन सेवाएं अगली सूचना तक रद, यात्रियों की मांग बढ़ने पर चलाई जा सकेंगी अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपनी सभी नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन अगली सूचना तक रद्द रहेंगी। यात्री ट्रेनों की इस बेमियादी बंदी की घोषणा के बावजूद पहले से चलाई जा रही सभी 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा। भारतीय रेलवे ने एक बयान जारी कर मंगलवार को यह घोषणा की है कि सभी नियमित पैसेंजर मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ सभी उपनगरीय ट्रेनों का संचालन अगली सूचना तक रद्द रहेगा।

सभी स्पेशल 230 ट्रेनों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा

रेलवे के जारी बयान में स्पष्ट कहा गया है कि वर्तमान में चल रहीं 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन होता रहेगा। इसके अलावा मुंबई लोकल ट्रेन सेवाओं का सीमित संचालन भी पूर्व की तरह होता रहेगा। मुंबई लोकल का संचालन राज्य सरकार की मांग पर सीमित लोगों के लिए किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि चल रहीं स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है। ज्यों की यात्रियों की मांग बढ़ेगी, उस समय कुछ और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। हालांकि सभी नियमित ट्रेनों के साथ उपनगरीय ट्रेनों का संचालन लाकडाउन के पहले जिस तरह से रद्द किया गया था, उसे फिलहाल जारी रखने का फैसला किया गया है।

12 मई से शुरू की गई थीं स्‍पेशल ट्रेनें और स्‍पेशल राजधानी ट्रेनें   

तथ्य यह है कि लॉकडाउन के दौरान ही यात्रियों की मांग के मद्देनजर पहले चरण में 12 जोड़ी स्पेशल राजधानी ट्रेनों का संचालन 12 मई को शुरू किया गया था, जबकि 100 स्पेशल ट्रेनों का संचालन एक जून को चालू कर दिया गया। इन ट्रेनों के रुट का चयन इस हिसाब से किया गया था, ताकि देश के सभी हिस्सों को जोड़ा जा सके। जबकि मुंबई में स्थानीय प्रशासन को आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिए राज्य सरकार की मांग पर वहां की लोकल ट्रेनों का शुरू करने का फैसला किया गया था। वह भी चलती रहेंगी।

संचालन के लिए गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति

भारतीय रेलवे ने पहले 12 अगस्त तक नियमित ट्रेनों का संचालन रद्द किया था। यात्री ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 40 हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। लेकिन ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति भी जरूरी होगी।

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