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शान से जिए और उसी शान से चले गए राहत इंदौरी, डॉक्टरों की गाइड लाइन के अनुसार हुए सुुपुर्द ए खाक

इंदौर: उर्दू अदब के लिए पूरी दुनिया में जाना जाने वाला इंदौर का वो नाम जिसे आप और दुनिया राहत इन्दोरी के नाम से जानते थे, दुनिया से जाने के बाद भी उस अजीम फनकार ने अपनी मौत के बाद भी अदब को सामने रखा, और डॉक्टर राहत इंदौरी की नमाजे जनाजा भी कोविड प्रोटोकोल के तहत अदा की गई।

डॉक्टर राहत इंदौरी जब दुनिया से रुखसत हुए तो कोरोना महामारी पूरे जोर पर थी, और ऐसे में डॉक्टर साहब का दुनिया से जाना उनके चाहने वालों को अपने से दूर भी रखना और मजहबी मामलात पूरे करना ये सब हुआ। शासन की गाइड लाइन का पूरा पूरा ख्याल रखते हुए नमाजे जनांजा पढ़ी गई, वो भी शारीरिक दूरी बनाकर और फिर राहत साहब के पार्थिव शरीर को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। राहत इंदौरी खुद दुनिया से चले गए लेकिन अदब का साथ मौत के बाद भी ना खुद भूले और ना ही परिवार को भूलने दिया।

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