Cover

इंदौर जेल से भागे 4 कैदी, कुछ ही देर में जेल प्रहरियों और ग्रामीणों ने पकड़ा, फिर की जबरदस्त धुनाई

इंदौर: इंदौर के देपालपुर जेल से हत्या के चार आरोपी भाग गए। बताया जा रहा है कि राशन बांटने के दौरान चारों ने पहले जेल प्रहरियों पर हमला किया फिर मौके का फायदा उठाते हुए वहां से भाग खड़े हुए। हालांकि ग्रामीणों औऱ जेल स्टाफ ने आधे घंटे के अंदर सभी आरोपियों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच जेल स्टाफ ने सभी आरोपियों की जमकर धुनाई की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

आरोपियों के फरार हो जाने पर सेंट्रल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने सहायक जेल अधीक्षक रामसहाय कुशवाहा को देपालपुर जेल से हटाने की मांग की है। उनके मुताबिक सबसे गंभीर लापरवाही सहायक जेल अधीक्षक की प्रारंभिक जांच में मिली है। लापरवाही सिर्फ 1 दिन की नहीं है, ऐसी लापरवाही रोजाना की जा रही थी। जिसकी जानकारी कैदियों को थी उसी का फायदा उठाकर वह जेल से भागने में सफल हो सके। 74 कैदियों की निगरानी के लिए 19 जेल प्रहरी और एक सहायक जेल अधीक्षक देपालपुर जेल में नियुक्त हैं, जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस वक्त जेल में सिर्फ चार जेल प्रहरी मौजूद थे। सेंट्रल जेल अधीक्षक इंदौर के मुताबिक देपालपुर जेल में सुबह 5:30 बजे सहायक जेल अधीक्षक जेल का ताला खुलवा कर वापस अपने घर लौट गए थे। उसके बाद जेल प्रहरी राशन की सामग्री निकालने में लगे हुए थे। उसी वक्त गेट पर चारों आरोपी पहुंचते हैं, जेल प्रहरियों के साथ मारपीट करते हैं, और उनसे चाबी छीन कर गेट की ओर भागते हैं। इस बीच वे ताला खोलने का प्रयास करते हैं, लेकिन उन्हें सही चाबी नहीं मिल पाती है, जिसकी वजह से ताला नहीं खुल पाता है। उसके बाद एक रॉड लेकर जेल प्रहरी पर हमला करते हैं, जेल प्रहरी आनन-फानन में भागते हुए जेल ब्रेक अलर्ट के लिए लगे सायरन का बटन दबाते हैं लेकिन सायरन नहीं बचता है। चारों बंदी सबसे पहले एक छोटी जेल के अंदर बनी दीवार पर चढ़ते हैं। उसके बाद एक दूसरे का हाथ पकड़ ऊपर खींच लेते हैं। वहां दीवार पर चढ़ने के बाद लगभग 15 फीट के आसपास उन्हें वापस चढ़ना था जिसके लिए कैदियों ने एक दूसरे के कंधे पर चढ़ना शुरू किया और सबसे ऊंची दीवार तक पहुंच गए फिर एक दूसरे को लटक कर खींचा और दीवार फांद कर फरार हो गए।

लेकिन जहां पर बंदी कूदे वहां पर जेल प्रहरी का क्वार्टर बना हुआ है। जेल प्रहरी कैदियों को देख उनकी तरफ भागते हैं एक कैदी को जेल के सामने से ही पकड़ लेते हैं जबकि तीन कैदी जंगल की तरफ भागते हैं हल्ला मचता देख ग्रामीण भी मौके पर पहुंचते हैं, और उन्हें पकड़ लेते हैं। सवाल–जिसकी होगी जांच। – आखिर बैरक से बाहर कैसे निकले कैदी। – बैरक के बाहर एक और गेट उसे भी कैसे किया ब्रेक। – जेल के मुख्य दरवाजे तक बंदी इतनी आसानी से कैसे पहुंच गए। – क्या 20 से 22 फीट ऊंची दीवार को क्या इस ब्रेक किया जा सकता है,जैसा घटनाक्रम बंदियों ने बताया। — कैदियों को जेल मैं कब क्या होता है ,कब क्या आता है, कब कितने जेल प्रहरी होते हैं कब राशन निकाला जाता हैं। इस सब की संपूर्ण जानकारी कैदियों को आखिर कैसे थी। 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy