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Bengaluru violence : डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाके में 15 अगस्त लागू रहेगा धारा 144

बेंगलुरु। बेंगलुरु में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात एक फेसबुक पोस्ट को लेकर जबर्दस्त हिंसा भड़क गई। समुदाय विशेष के लोगों ने यहां कई इलाकों में जमकर हिंसा और आगजनी की। हालात संभालने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। हालात बेकाबू न हो इसके मद्देनजर यहां के डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाके में 15 अगस्त को सुबह 6 बजे तक धारा 144 लागू रहेगा। इसकी जानकारी पुलिस आयुक्त कमल पंत ने दी है। धारा 144 लागू होने पर एक जगह चार या उससे अधिक लोगों को इक्ट्ठा होने पर रोक होती है।

सरकार ने इस हिंसा को सुनियोजित हिंसा करार दिया है। कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट मंगलवार को बेंगलुरु में हुई हिंसा की जांच करेगा और कहा कि अब तक 146 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जिला मजिस्ट्रेट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार इस घटना की जांच करेंगे। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आगजनी, पथराव और पुलिस पर हमले का आरोप लगाया गया है।

दंगाइयों को माफ नहीं करेंगे : येदियुरप्पा

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विधायक के घर, पुलिसथाने को निशाना बनाने और दंगा फैलाने के निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया जा चुका है और सरकार ने हिंसा थामने के लिए सभी कदम उठाए हैं। पुलिस, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों पर हमले को माफ नहीं किया जा सकता है। सरकार ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी।’ कांग्रेस नेता सिद्दरमैया ने भी सभी समुदाय के लोगों से शांत रहने की अपील की।

हैदराबाद पुलिस सतर्क

वहीं बेंगलुरु हिंसा के मद्देनजर, हैदराबाद पुलिस आयुक्त (सीपी) अंजनी कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट पर निगरानी के लिए अधिकारियों और सिटी पुलिस की सोशल मीडिया इकाई को सतर्क किया। कुमार ने बेंगलुरु में हिंसा के बाद सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की।

क्यों भड़की हिंसामामला कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे की फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है। यह कथित आपत्तिजनक पोस्ट सामने आते ही समुदाय विशेष के लोग सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में लोगों ने पुलकेशी में कांग्रेस विधायक के घर को घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। देखते-देखते भीड़ हिंसक होती गई और तोड़फोड़ व आगजनी होने लगी। विधायक के घर को भी आग लगा दी गई। हालांकि उस समय विधायक घर पर नहीं थे। प्रदर्शनकारियों ने डीजे हल्ली पुलिसथाने को भी निशाना बनाया। दंगाइयों ने पुलिस व आमजनों की कई गाड़ियां फूंक दीं। एक एमटीएम को भी तहस-नहस कर दिया गया। आगजनी और हिंसा के बाद पूरे इलाके में युद्ध जैसे हालात बन गए थे। हिंसा अनियंत्रित होती देख पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद भी हालात नहीं संभले तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी।

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