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MP में गद्दारी पर गरमाई सियासत, बीजेपी बोली- कांग्रेस कमलनाथ को दिखाए काले झंडे

भोपाल: मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर दौरे को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। एक तरफ कांग्रेस इसे लेकर कई सवाल खड़े कर रही है तो दूसरी ओर बीजेपी नेता पलटवार कर कांग्रेस को ही कटघरे में खड़े करने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद मालू ने सिंधिया के इंदौर आगमन पर कांग्रेसियों के विरोध प्रदर्शन को नाजायज़ और बेतुका बताया और इसे चोरी और सीना जोरी का उदाहरण बताया है।

गोविंद मालू ने कांग्रेस के युवा नेता जीतू पटवारी के एक बयान का जिक्र किया जिसमें पटवारी ने कहा था कि “चुनाव में हमारे दो चेहरे ही थे सिंधियाजी और कमलनाथजी” मालू ने कहा कि इस बयान के स्पष्ट अर्थ को समझना चाहिए। इसका सीधा सीधा मतलब तो यह निकलता है कि गद्दारी तो कांग्रेस नें सिंधिया के साथ की है जो उन्हें चेहरा बनाया, अल्पमत की सरकार बनाई, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री न बना कमलनाथजी को बिठवा दिया। इस लिहाज से तो कांग्रेस वर्कर को कमलनाथ को गद्दारी करने के लिए काले झंडे, विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन करना चाहिए। प्रदर्शन उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की उक्ति को चरितार्थ करता है।

मालू ने पटवारी पर तंज कसते हुए कहा कि विद्वानों का कहना है कि 24 घंटों में इंसान एक बार सच जरुर बोलता है और पटवारी के साथ भी ऐसा ही हुआ। पटवारी ने अपने नेता दिग्विजय सिंह को भी चेहरा नहीं मानकर सनसनीखेज खुलासा तो कर ही दिया और सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजयसिंह चेहरा (?) नहीं थे ? यह भी स्पष्ट कर दिया। मालू ने कहा कि पटवारी का दिल सच्चा और चेहरा झूठा है।

मालू ने आगे कहा कि यह कांग्रेस का चरित्र रहा कि जब सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनना था, तो धोखाधड़ी कर नेहरू को बना दिया और जब सुभाषचंद्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव जीते तो, उन्हें ग़ायब करवा दिया और “पपेट यूनियन” जिंदाबाद कर दिया। मालू ने कहा कि “कांग्रेसी झूठों के बादशाह हैं। साथ ही साथ मालू ने पटवारी को इस सच बोलने के लिए व्यंग्यात्म ढ़ंग से धन्यवाद भी किया।

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