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कोरोना संकट के बीच मानसून सत्र, CM योगी आदित्यनाथ विधान भवन पहुंचे

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार में भी उत्तर प्रदेश में नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है। देश में एक दिन में सर्वाधिक कोविड टेस्ट कराने के साथ ही सर्वाधिक कोविड बेड का रिकार्ड बनाने वाला उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश विधानमंडल का सत्र भी आयोजित करने जा रहा है। मानसून सत्र सिर्फ चार दिन का ही होगा और इसमें 16 विधेयक को भी पास कराया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल के तहत अधिक उम्र के विधायक इसमें वर्चुअल भागीदारी करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ विधान भवन में पहुंचे हैं। वह भी कार्यवाही में शिरकत करेंगे। सदन में आज निधन के प्रस्ताव और शोक व्यक्त किया जाना है। विधानसभा के मानसून सत्र में 65 वर्ष से अधिक उम्र के विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग कर रहे हैं। सदन की कार्यवाही में नोएडा से भाजपा के विधायक पंकज सिंह, बहराइच की विधायक अनुपमा जैसवाल तथा जन्मेजय सिंह ऑनलाइन शामिल हुए हैं।

इनके साथ ही मंत्री ब्रजेश पाठक वर्चुअल शामिल हुए है। मंत्री मन्नू लाल कोरी कार में बैठे बैठे विधान सभा की कार्यवाई में शामिल हुए। योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे कमल रानी वरुण व चेतन चौहान, विधायक वीरेन्द्र सिरोही मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन को श्रद्धांजलि दी गयी।

समाजवादी पार्टी के विधायक तथा विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन प्रांगण में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान इन सभी ने प्ले कार्ड लहराकर जमकर नारेबाजी भी की।

सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सपा नेता यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने तख्ती और पोस्टर पर सरकार विरोधी नारे लिख रखे थे। विधान भवन में आज की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायक ने बाहर ही हंगामा कर रहे हैं। हाथ में प्ले कार्ड के साथ यह सभी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री घेराव

प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस दौरान विधानभवन में प्रवेश कर रहे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का घेराव किया और नारेबाजी की। इन सभी ने कहा कि सरकार कोरोना पर नियंत्रण के मोर्चा पर पूरी तरह असफल रही है।

लखनऊ में विधान भवन में आज से शुरु हो रहा प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र छोटा होगा। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सभी इंतजाम के बीच चार दिन में 16 विधेयकों को मंजूर कराने की तैयारी है। पहली बार सदन में वर्चुअल कार्यवाही रवाई होगी। 65 वर्ष से अधिक उम्र के विधायकों को सत्र में वर्चुअल तरीके से जोड़ा जाएगा। सिर्फ 65 साल से कम उम्र के विधायकों को ही सदन में मास्क और ग्लब्स के साथ प्रवेश दिया जाएगा।

विधानमंडल का मॉनसून सत्र कई मायनों में अनूठा होगा। कोरोना महामारी के दौरान संवैधानिक बाध्यता के कारण इस सत्र के लिए अनेक ऐसी व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जो विधानसभा के इतिहास मेें पहली बार होंगी। मसलन दर्शक दीर्घा मेंं भी विधायकों को बैठना पड़ेगा। लॉबी में बैठकर भी विधायक सदन की कार्यवाही का हिस्सा होंगे।

उठ सकते हैं ये मुद्दे

– प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था।

– स्मार्ट मीटर की खराबी का मामला।

– स्कूलों में जबरन फीस की वसूली।

– किसानों को हो रही खाद की परेशानी।

– वेतन-भत्तों में कटौती का मामला।

– ब्राह्मणों के उत्पीड़न का मामला।

वर्ष 2020 का यह दूसरा सत्र तीन दिन का होगा। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि पहले दिन गुरुवार को सुबह 11 बजे सदन के चार दिवंगत सदस्यों वीरेंद्र सिंह सिरोही, पारसनाथ यादव, कमल रानी वरुण व चेतन चौहान के निधन पर शोक संवेदना के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। यह भी संयोग है कि एक साथ दो कैबिनेट मंत्रियों सहित चार सदस्यों के निधन पर शोक होगा। विधान परिषद की कार्यवाही भी शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित कर दी जाएगी। अस्वस्थ, महिला व 60 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्यों को बैठक में वर्चुअल शामिल होने की छूट मिलेगी। उन्हें भेजे गए ई-लिंक के जरिए उपस्थिति दर्ज मान ली जाएगी।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विधान परिषद में सभी एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं। गुुरुवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूरे सदन को सैनिटाइज किया जाएगा। परिषद के सदस्य और कार्मिक अपनी कोरोना जांच के सुबूत के तौर पर जांच की पर्ची लेकर पहुंचेंगे। विधान परिषद के दोनों गेट पर हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनर लगाये गए हैं। पल्स ऑक्सीमीटर का भी इंतजाम किया गया है। सदन में सेंट्रलाइज्ड एयरकंडीशनिंगकी व्यवस्था को देखते हुए एयर डक्टस में अल्ट्रावायलेट मशीनें लगायी गई हैं, जिनके विकिरण से वायरस का खात्मा किया जा सके। शारीरिक दूरी बनाये रखने के लिए विधान परिषद में सदस्य बीच की एक-एक सीट छोड़कर बैठेंगे। जिन सीटों पर सदस्यों को नहीं बैठना है, उन पर क्रॉस का चिन्ह अंकित कर दिया गया है।

ऐसा पहली बार

– विधानसभा में दर्शक दीर्घा में भी बैठेंगे विधायक।

– हां व ना लॉबी मेें होगी बैठने की व्यवस्था।

– सभी सदस्य एक सीट छोड़कर बैठेंगे।

– नेता सदन के पास कोई नहीं बैठेगा, संसदीय कार्यमंत्री की सीट भी अलग होगी।

– सभी सदस्यों को मास्क लगाकर बैठना होगा।

– एक साथ चार सदस्यों (दो कैबिनेट मंत्री व दो विधायक) के निधन पर शोक।

– अस्वस्थ व 60 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्यों को वर्चुअल उपस्थिति की सुविधा, ई-ङ्क्षलक दिया गया।

– सत्र के दौरान कैफेटेरिया बंद रहेगा, केवल गर्म पानी और काढ़ा मिलेगा

– प्रत्येक विधायक और एमएलसी को कोरोना टेस्ट कराना होगा।

– वेल में विरोध कराते वक्त भी झुंड में खड़े होने की इजाजत नहीं होगी।

– विधान परिषद कार्यवाही का यू-ट्यूब पर होगा प्रसारण।

– विधानसभा की लॉबी और गलियारे में लोगों को खड़े होने की इजाजत नहीं होगी।

– फिजिकल डिस्टेंसिंग के लिए विधानसभा कैंटीन में खाने के लिए दस लोग ही एक साथ बैठ सकेंगे। पहले ग्रुप के हटने के बाद ही दूसरा ग्रुप बैठ सकेगा।

सदन 24 तक, कार्यमंत्रणा की बैठक फिर होगी

बुधवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 20 से 24 अगस्त तक घोषित कार्यक्रमों पर चर्चा की गयी। 20 अगस्त को सदन में वीरेंद्र सिरोही, पारसनाथ यादव, चेतन चौहान, कमल रानी वरुण के अलावा लालजी टंडन तथा अन्य पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद सदन स्थगित करने का फैसला लिया गया। कोरोना वारियर्स के निधन पर भी सदन श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए कार्यमंत्रणा समिति की बैठक फिर से आहूत होगी।

विपक्ष आज तय करेगा रणनीति

विधानमंडल के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष गुरुवार को अपनी रणनीति तैयार करेगा। सपा, बसपा व कांग्रेस दलों ने विधायक दलों की बैठक गुरुवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व सुबह साढ़े नौ बजे अपने कार्यालयों में बुलायी है। कोरोना संक्रमण के चलते विपक्षी दलों की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। समाजवादी पार्टी विधायक दल के उपनेता इकबाल महमूद ने बताया कि प्रदेश सरकार की खामियों को उजागर किया जाएगा। कांग्रेस विधान मंडल दलनेता आराधना मिश्रा मोना ने बताया कि कोरोना संकट, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी व किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा जाएगा। विधानभवन स्थित कार्यालय में विधायकों की बैठक गुरुवार को प्रात: साढ़े नौ बजे होगी। बसपा विधायकों को भी सत्र आरंभ होने से डेढ़ घंटा पूर्व विधानमंडल स्थित कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के तेवर भी सरकार के विरोध में उग्र हैं।

यह विधेयक कराए जाएंगे मंजूर

1-उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी सम्पत्ति क्षति वसूली विधेयक 2020

2-उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक 2020

3-उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन द्वितीय (संशोधन) विधेयक 2020

4-उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्यों की उपलब्धियों और पेंशन (संशोधन) विधेयक 2020

5-उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद (संशोधन) विधेयक 2020

6- उत्तर प्रदेश कारखाना विवाद (संशोधन) विधेयक 2020

7- उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2020

8-कारागार अधिनियम 1894 में (संशोधन) विधेयक 2020

9- उत्तर प्रदेश मूल्य संवॢधत कर संशोधन विधेयक 2020

10- उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन भत्ता, और प्रकीर्ण उपबंध (संशोधन) विधेयक 2020

11- उत्तर प्रदेश कतिपय श्रम विधियों से अस्थाई छूट (संशोधन) विधेयक 2020

12- उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) विधेयक 2020

13- उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण विधेयक 2020

14- उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) विधेयक 2020

15- उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2020

16- कारागार उत्तर प्रदेश (संशोधन) विधेयक 2020।

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