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पाकिस्तान के राजदूत ने बिना पूछे ही बेच दिया दूतावास, 19 साल बाद अदालत में पहुंचा मामला

इस्लामाबाद। इंडोनेशिया में पाकिस्तान के राजदूत रहे सेना के एक पूर्व अधिकारी ने वहां स्थित दूतावास की इमारत ही बेच दी। यह बात नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) की जांच में सामने आई है। एनएबी ने राजदूत रहे अवकाश प्राप्त मेजर जनरल सैयद मुस्तफा अनवर के खिलाफ अदालत में सुबूत समेत मुकदमा दायर कर दिया है।

अवैध सौदे से पाकिस्तानी खजाने को 1.32 मिलियन डॉलर का हुआ नुकसान

अदालत में पेश अर्जी में पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधी संस्था ने कहा, इस अवैध सौदे से पाकिस्तानी खजाने को करीब 1.32 मिलियन डॉलर (दस करोड़ भारतीय रुपये) का नुकसान हुआ।

दूतावास की इमारत 2001-2002 में जकार्ता में बेची गई

यह इमारत 2001-2002 में जकार्ता में बेची गई। पता चला है कि इंडोनेशिया में राजदूत नियुक्त होते ही मुस्तफा ने दूतावास की इमारत को बेचने की कोशिश शुरू कर दी। इसके लिए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से अनुमति लिए बगैर इंडोनेशिया के अखबारों में विज्ञापन छपवा दिए गए। जब सौदा हो गया तो उसकी सूचना देने के लिए मुस्तफा ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा।

राजदूत ने विदेश मंत्रालय को संतोषजनक उत्तर नहीं दिए

विदेश मंत्रालय ने इस अवैध सौदे की बाबत राजदूत से पूछताछ की तो उन्होंने कई बार पूछे जाने के बाद भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

एनएबी ने मुस्तफा के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया

एनएबी ने मुस्तफा को अधिकारों के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से एनएबी ने निचली अदालत में दायर की याचिका

सूत्रों के अनुसार एनएबी ने खुद भी मामले की जांच को लटकाकर रखा। सुप्रीम कोर्ट ने जब मामले में हस्तक्षेप कर एनएबी से विस्तृत जानकारी मांगी, तब उसने जांच कर मामले की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की और अब निचली अदालत में याचिका दायर की है।

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