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आतंक का प्रायोजक रच रहा आतंकवाद पीड़ित होने का स्वांग, भारत ने पाक के पांच झूठ किए बेनकाब

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में पाकिस्तानी मिशन द्वारा बोले गए झूठों के लिए भारत ने उसे जमकर लताड़ लगाई। भारतीय मिशन ने एक कड़ा बयान जारी कर कहा, पाकिस्तान ने झूठा बयान जारी किया है जिसमें दावा किया गया है कि उनके प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को संबोधित किया जबकि उसके सत्र में गैर-सदस्यों को हिस्सा लेने की इजाजत ही नहीं थी। भारतीय मिशन ने कहा कि सीमापार आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक अब खुद आतंकवाद पीड़ित होने का स्वांग रचने की कोशिश कर रहा है।

जर्मन मिशन ने खोली पाकिस्तान की पोल

दरअसल, पाकिस्तान मिशन ने अपनी वेबसाइट पर स्थायी प्रतिनिधि के बयान को इस तरह पेश किया था जैसे उन्होंने वह यूएनएससी में दिया हो, लेकिन जर्मन मिशन द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर में पाकिस्तान की पोल खुल गई जिसमें परिषद के 15 सदस्य ही बैठक में भाग लेते दिखाई दे रहे हैं और पाकिस्तान उसका सदस्य नहीं है।

भारतीय मिशन ने कहा- हम समझने में नाकाम रहे कि पाक के प्रतिनिधि ने बयान कहां दिया

भारतीय मिशन ने बयान में कहा, ‘हम यह समझने में नाकाम हैं कि पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने अपना बयान कहां दिया क्योंकि सुरक्षा परिषद का सत्र आज (स्थानीय समयानुसार सोमवार) गैर-सदस्यों के लिए खुला ही नहीं था।’

भारतीय मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में पाक के पांच झूठ किए बेनकाब

पहला झूठ :- पाकिस्तान ने बयान में दावा किया कि वह दशकों से सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद से पीडि़त है। इस दावे को खारिज करते हुए भारतीय मिशन ने कहा, ‘झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। भारत के खिलाफ सीमा पार से आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक अब खुद को भारत प्रायोजित आतंकवाद का पीडि़त होने का स्वांग रच रहा है। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकियों की सबसे बड़ी पनाहगाह है। इनमें से कई पाकिस्तान में बेखौफ अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। 2019 में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में माना था कि उनके देश में 40 से 50 हजार आतंकी मौजूद हैं।

दूसरा झूठ :- भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उसने क्षेत्र में अलकायदा को खत्म कर दिया है। भारतीय मिशन ने कहा, ‘शायद, पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि को पता नहीं है कि ओसामा बिन लादेन उनके ही देश में छिपा था और अमेरिकी सेना को वह पाकिस्तान में ही मिला था। क्या उन्होंने यह भी नहीं सुना कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लादेन को शहीद कहते हैं।’

तीसरा झूठ :- भारत ने पाकिस्तान के इस दावे को हास्यास्पद बताया कि भारत ने उसके खिलाफ भाड़े के आतंकी रखे हैं। भारतीय मिशन के बयान के मुताबिक, ‘यह दावा ऐसा देश कर रहा है जो सीमापार आतंकवाद का जाना-माना प्रायोजक है जिसने अपनी करतूतों से दुनिया को परेशान किया है। यह दावा बेहूदगी के अलावा कुछ और नहीं है।’

चौथा झूठ :- भारतीय मिशन ने 1267 प्रतिबंधों की लिस्ट में भारतीयों के शामिल होने के पाकिस्तानी दावे को भी खारिज किया। भारत ने कहा, ‘1267 प्रतिबंधों की सूची सबके सामने है और दुनिया देख सकती है कि इनमें कोई भी व्यक्ति भारतीय नहीं है। 1267 समिति सुबूतों के आधार पर काम करती है न कि ध्यान और समय भटकाने के आरोपों पर।’

पांचवां झूठ :- भारतीय मिशन ने कहा, ‘पाकिस्तान भारत के अंदरूनी मामलों को लेकर हास्यास्पद बातें करता है। यह ऐसा देश है जिसकी अल्पसंख्यक आबादी 1947 से बहुत कम हो गई है जो आज लगभग तीन फीसद है। यह सोची समझी साजिश के अलावा कुछ और नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में वहां की जनता के कल्याण के लिए भारत के संप्रभु कामों के बारे में भी झूठे आरोप लगाता है।

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