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कानपुर में मजलिस और मातम करने पर दो पक्ष भिड़े, वीडियो बनाने को लेकर हुआ टकराव

कानपुर। ग्वालटोली मकबरा के पास एक घर में हो रही मजलिस में भीड़ जुटने की सूचना पर पुलिस आयोजक को थाने ले आई तो सैकड़ों लोगों ने चौराहे पर जाम लगा कर मातम करने के साथ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने की कोशिश की तो नोकझोंक हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में पथराव हो गया। थाने की फोर्स ने लाठी पटक कर दोनों पक्षों को हटाया।

इलाके को लोगों ने बताया कि मंगलवार रात मकबरा निवासी डॉ. फरजान अली के घर मजलिस हो रही थी। इलाके के कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने आकर मजलिस बंद कराई और आयोजक को थाने ले आई। पीछे-पीछे डेढ़ सौ ज्यादा लोग थाने पहुंच गए। उन्होंने आयोजक को छोड़ने की मांग की। पुलिस से हाथापाई भी की। विरोध में मकबरा चौराहे पर नारे लगाते हुए मातम शुरू कर दिया। घरों की छतों से दूसरे पक्ष के लोग वीडियो बनाने लगे तो भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में दूसरी ओर से भी पथराव होने लगा।

ग्वालटोली, कोहना थाने की फोर्स ने लाठी पटक कर भीड़ को हटाया। इसके बाद मकबरा में वापस जाकर आयोजक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए गालीगलौज की। तब उस पक्ष से भी नोकझोंक हुई और जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने मकबरा पहुंच कर दोबारा भीड़ को हटाया और फोर्स तैनात की। आयोजक पक्ष के लोगों का कहना है कि मोहर्रम के दौरान घरों पर मजलिस की अनुमति दी गई है।

दो दिन पूर्व पुलिस ने हटवाए थे झंडे : मकबरा मैदान में दो दिन पूर्व पुलिस ने जाकर दोनों पक्षों के झंडे हटवाए थे। तभी से तनातनी चल रही है। सूत्रों ने बताया कि एक पक्ष के लोग मातमपुर्सी करने की अनुमति मांग रहे हैं तो दूसरे पक्ष के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

नोकझोंक या पथराव की जानकारी नहीं : एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मजलिस की सूचना पर पुलिस मकबरा गई थी और वार्ता के लिए आयोजक को थाने लाई थी। इसके बाद तमाम लोग पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। दूसरे पक्ष से नोकझोंक या पथराव की जानकारी नहीं है। अगर कोई तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी। मजलिस के आयोजक को छोड़ दिया गया है।

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