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गर्लफ्रेंड की कब्र पर बैठकर साइको किलर पीता था शराब, सनक में ली थी मां-बाप की जान, उम्रकैद

भोपाल: अपनी प्रेमिका व माता पिता की हत्या करने वाले भोपाल के खौफनाक सीरियल किलर उदयन दास को बंगाल के बांकुड़ा के फास्ट ट्रैक कोर्ट उम्र कैद की सजा सुनाई है। 4 साल पहले जब इस हत्याकांड में उदयन की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। पहले उसने अपने माता पिता की हत्या कर बगीचे में गाड़ दिया और फिर लिव इन रिलेशन में रहने वाली प्रेमिका की हत्या कर दफन कर दिया और कब्र पर चबूतरा बना उस पर बैठकर शराब पी पीता था।

मिली उम्र कैद की सजा
सिरियल किलर उदयन को बुधवार को बंगाल के बांकुड़ा के फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त जिला न्यायधीश सुरेश विश्वकर्मा ने सजा सुनाई है। उदयन के वकील अभिषेक विश्वास ने बताया कि इस फैसले को वह हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। इस हत्याकांड पर बांकुरा पुलिस ने उदयन के खिलाफ 30 अप्रैल 2017 को केस डायरी समेत करीब 600 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। सितंबर 2017 में चार्ज फ्रेम हुए। 19 गवाहों के बयान और सभी साक्ष्य उदयन के खिलाफ थे।

इकलौती संतान ने ले ली थी मां-बाप की जान
बताया जा रहा है कि सीरियल किलर उदयन अपनी माता-पिता का इकलौती संतान था। उसके पिता रायपुर में रहते थे और भेल में नौकरी करते थे। वहीं, मां भोपाल में एक सरकारी विभाग में डाटा विश्लेषक की नौकरी करती थी। उदयन के भोपाल, रायपुर और दिल्ली में अपने मकान थे। उसने 2010 में ही अपने माता-पिता को रायपुर स्थित आवास पर मार दिया था। दोनों को मार कर वह बगीचे में दफना दिया था। हद तो तब हो गई जब फर्जी तरीके से वह माता-पिता के नाम पर पेंशन भी निकालता रहा।

सोशल मीडिया पर कई फर्जी आईडी
उसने फेसबुक पर कई फर्जी आईडी क्रिएट किए थे। कभी लोगों से वह कहता था कि मैं अमेरिका में नौकरी करता हूं, तो कभी खुद को बिजनेसमैन बताता था। इसी के जरिए उसने 2007 में आकांक्षा से दोस्ती की। उसने आकांक्षा को बताया कि वह अमेरिका में नौकरी करता है। उसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी और बातचीत का सिलसिला कब प्यार में बदल गया पता ही नहीं चला। अमेरिका में नौकरी के नाम पर आकांक्षा घर से निकल गई। आकांक्षा जून 2016 में पहली बार दिल्ली आकर उदयन से मिली।

लिव इन रिलेशन में थी आकांक्षा
आकांक्षा उदयन के साथ उसके घर आकर लिव-इन रिलेशन में रहने लगी। वही आकांक्षा के घरवालों को लगता था कि वह अमेरिका में नौकरी कर रही है। समय बीतने के साथ साथ आकांक्षा को उदयन की सच्चाई पता लगने लगी थी। इस दौरान उदयन ने आकांक्षा से लाखों रुपये हड़प लिए थे। इसे लेकर उसके और उदयन में विवाद होता था। प्यार कब नफरत में बदल गया पता ही नहीं चला और 23 जुलाई 2016 को उदयन ने आकांक्षा की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चबूतरे के नीचे दफनाने का आइडिया उदयन ने एक इंग्लिश चैनल से लिया था। हत्या के बाद वह शव को उठाकर दूसरे कमरे में ले गया। यहां पुराना बक्सा खाली किया फिर उसमें शव को डाल दिया। करीब एक घंटे बाद उसने बक्से में सीमेंट का घोल भर दिया। बक्से और चबूतरा बनाने में उसे कुल 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया।

आकांक्षा के घरवालों ने लिखवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट
वहीं उदयन आकांक्षा के घरवालों से व्हाट्सएप चैट के जरिए आकांक्षा बन कर बात करता था। दिसंबर में यह सिलसिला कम हुआ तो घरवालों को शक हो गया। जनवरी 2017 में आकांक्षा के परिजनों ने बांकुड़ा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। बांकुड़ा पुलिस ने जब इस केस की जांच शुरू की तो भोपाल के साकेत नगर इलाके में आकांक्षा की आखिरी लोकेशन मिली थी। उसके बाद आकांक्षा शर्मा का कॉल डिटेल निकाला तो उदयन दास के बारे में जानकारी मिली। उसके बाद बंगाल पुलिस भोपाल पहुंची। 2 फरवरी 2017 को उदयन को गोविंदपुरा पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया।

हिरासत में उगले कई राज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में उदयन ने जो सच उगले वो रोंगटे खड़े कर देने वाले थे उदयन ने बताया कि जब आकांक्षा से विवाद बढ़ा तो तंग आकर उसने रात को सोयी हुई आकांक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने यह भी पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि वह प्रेमिका के शव पर ही बैठ कर शराब पीता था। उसे अपने किए पर कतई अफसोस नहीं था। बाद में पुलिस ने कब्र को खोद कर शव निकाला था। उदयन का साकेत नगर में दो मंजिला मकान है। नीचे का हिस्सा किराए पर था।  वहीं, उदयन अपने रिश्तेदारों से कहता था कि उसके माता-पिता अमेरिका में रहते हैं। लेकिन प्रेमिका की हत्या के बाद जो सच सामने आया बेहद चौकाने वाला था। उसने 2010 में ही अपने माता-पिता को रायपुर स्थित आवास पर मार दिया था। दोनों को मार कर वह बगीचे में दफना दिया था। हद तो तब हो गई जब फर्जी तरीके से वह माता-पिता के नाम पर पेंशन भी निकालता रहा।

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