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इंसानी दिमाग को पढ़ने की कोशिश में सुअर के मस्तिष्‍क में लगाई सिक्‍के के आकार की चिप, यह हुआ परिणाम

अरबपति व्यवसायी एलन मस्क की न्यूरोसाइंस स्टार्टअप न्यूरालिंक पिछले कई सालों से इंसानी दिमाग को पढ़ने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने शुक्रवार को मीडिया को ऐसा सूअर दिखाया, जिसके दिमाग में दो महीने से एक सिक्के के आकार की कंप्यूटर चिप लगी थी। ये इंसानों में होने वाली बीमारी के इलाज की दिशा में एक शुरुआती कदम है। इसके माध्यम से मस्क इंसानों में होने वाली कुछ दिमागी बीमारियों के इलाज को लेकर एक तरह का ट्रायल कर रहे हैं। शुक्रवार को आयोजित एक वेबकास्ट में अवसाद, याददाश्त जाने और अनिद्रा जैसी बीमारियों का जिक्र करते हुए एलन मस्क ने कहा, “दिमाग में इंप्लांट की गई डिवाइस के माध्यम से इन समस्याओं को हल किया जा सकता है।” टेस्ला इंडस्ट्री और स्पेसएक्स सीईओ मस्क ने 2016 में सैन फ्रांसिसको में न्यूरालिंक की स्थापना थी। कंपनी का उद्देश्य इंसानों के दिमाग में एक तरह वायरलेस कंप्यूटर स्थापित करना है जो इंसान को अल्जाइमर, डिमेंशिया और रीढ़ की हड्डी की चोटों जैसी बीमारियों से लड़ने में और उन्हें ठीक करने में मदद करेगा।

सूअर की दिमागी हालत को पहली बार लाइव देखा

वेबकास्ट के दौरान मस्क ने “थ्री लिटिल पिग” डेमो के तहत एक ऐसे सूअर गैटर्ड को पेश किया, जिसके दिमाग में चिप लगी हुई थी। यह चिप उसके मुंह को नियंत्रित करती थी। प्रयोग के दौरान सूअर को खाना दिया गया और इस दौरान उसकी दिमागी हालत को पहली बार लाइव देखा गया। मस्क ने कहा कि जो चिप सूअर में लगाया गया था, उसका व्यास 23 मिलीमीटर (0.9 इंच) है। इसे छोटे तारों के माध्यम से खोपड़ी में फिट किया जा सकता है।

इस साल के अंत से मानव परीक्षण होगा शुरू

मस्क ने इन बीमारियों के इलाज की कोई मियाद नहीं बताई है। हालांकि पहले उन्होंने कहा था कि इस साल के अंत से मानव परीक्षण शुरू हो जाएगा। कंपनी के प्रमुख सर्जन डॉ. मैथ्यू मैकडॉगल ने कहा कि न्यूरोलिंक का पहला क्लीनिकल ट्रायल उन मरीजों पर किया जाएगा, जो पक्षाघात से पीड़ित हैं। कंपनी से ताल्लुक नहीं रखने वाले न्यूरो वैज्ञानिकों ने कहा है कि भले ही कंपनी ने इस मामले में काफी प्रगति कर ली हो, लेकिन इस विषय पर लंबे समय तक काम करने की जरूरत है।

यह है आगे का प्‍लान

उन्होंने कहा कि हम पैसे जुटाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हम समझदार लोगों को अपने साथ काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। न्यूरालिंक को फंडिंग में 158 मिलियन डॉलर (साढ़े 11 अरब रुपये से ज्यादा) मिले हैं। इनमें से 100 मिलियन डॉलर मस्क ने दिए हैं और बाकी पैसे दूसरे 100 स्टाफ सदस्यों ने दिए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर समय-समय पर चेतावनी देने वाले मस्क ने कहा कि प्रत्यारोपण की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि सिर्फ चिकित्सकीय कार्यों तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से हम अपने लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार कर सकते हैं।

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