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प्रशासन की लापरवाही या कुदरत का कहर ! गरीबों में बांटा जाने वाला 6 करोड़ का चना व गेहूं बर्बाद

बालाघाट: प्रशासन की लापरवाही और कुदरत के कहर का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां गरीबों को बांटा जाने वाला सरकारी अनाज का गोदाम पूरे दो दिन बाढ़ के पानी में डूबा रहा। जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। मामला बालाघाट की गोंगलई में बने म.प्र. वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के वेयरहाउस का है जहां 6 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का चना और गेहूं भी पूरी तरह से नष्ट होने की कगार पर है

जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम में सरकारी अनाज रखा था वह पूरे 2 दिन तक बाढ़ के पानी में डूबा रहा। ऐसे में चने पर अंकुर और फफूंद लग गए और गोदाम में रखा गया गेहूं अंकुर पड़ा। वहीं वेयर हाऊस के कार्यालय में रखे कुछ दस्तावेज बाढ़ के पानी में बह चुके है तो बचे कुछे दस्तावेजों को सुखाया जा रहा है। ऐसे में विभाग को रिकॉर्ड संधारित करने में काफी दिक्कत परेशानी हो रही है।

गोदामों पर छलिया में जमा यह चना और गेहूं सरकार द्वारा सपोर्ट प्राइस पर किसानों से खरीदा गया था। जिसे बाद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीबों में बांटा जाना था। लेकिन बालाघाट में आई बाढ़ में 6 करोड से अधिक मूल्य की चना और गेहूं पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। बोरे पर रखे रखे इस अनाज में घुन लग गया है। बड़े पैमाने पर यह चना अंकुरित हो गया है। वहीं कार्यालय के दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

यदि बाढ़ से हुए नुकसान की बात करें तो सिर्फ खेत और लोगों के मकान ही नहीं गोदामों में रखा अनाज भी पूरी तरह नष्ट हो गया है अकेले बालाघाट जिले में 1000 से अधिक मकान गिरे हैं और 100 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं फिलहाल प्रशासन बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने में जुटा है।

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