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बहुचर्चित हनीट्रैप की आरोपी के साथ जेलर की फोटो वायरल, भोपाल से जेल DIG जांच करने इंदौर पहुंचे

इंदौर: बहू चर्चित हनीट्रैप मामले में जेल में बन्द महिला आरोपी और जेलर की जेल में हुई मुलाकात कि तस्वीरे आम क्या हुईं, इंदौर से भोपाल तक अधिकारियों की सांसे में अचानक तेजी रिकार्ड की गईं। और वायरल हुई तस्वीरों को भोपाल में भी देखा गया। तस्वीरें देखने के बाद अचानक जेल DIG को इंदौर रवाना किया और डी आई जी ने जेल का दौरा कर महिला आरोपी से भी पूछताछ की।

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप कांड की एक महिला आरोपी की जेलर से बातें करते हुए तस्वीर वायरल हो रही है। मामला बेहद संगीन है लिहाजा जांच के मकसद से भोपाल से आला अधिकारी को तस्दीक के लिए इंदौर आना पड़ा है। दरअसल इंदौर की जिला जेल के उप अधीक्षक के.के.कुलश्रेष्ठ के साथ हनीट्रैप आरोपी श्वेता विजय जैन से बात करते हुए तस्वीर सामने आ गई। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और ऐसे में इस तरह की तस्वीर सामने आना कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि जेल मैन्युल के हिसाब से तमाम नियम और कानून की दुहाई इस मामले में दी जा रही है लेकिन अब इंदौर की जिला जेल के जेलर के.के.कुलश्रेष्ठ की श्रेष्ठता पर सवालिया निशान उठ खड़े है। हालांकि जेल में परिंदा भी पर नही मार सकता है ऐसे में जेलर और महिला आरोपी के बतियाते हुई तस्वीर के सामने आने के बाद किसी बड़ी साजिश से इंकार भी नही किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर ने इतना हड़कम्प मचा दिया कि भोपाल से आनन फानन जेल डीआईजी संजय पांडे को इंदौर पहुंचना पड़ा। हालांकि मामला महिला बंदी से जुड़ा है इसलिए जांच के लिए कल तक का इंतजार खुद जेल डीआईजी को करना पड़ेगा। शाम को इंदौर पहुंचे जेल डीआईजी संजय पांडे ने बताया कि वो अलग-अलग मामलों कि जांच करने इंदौर पहुंचे हैं। वही उन्होंने हनीट्रैप मामले में आरोपी महिला की जेलर के साथ वायरल हुई तस्वीर की जांच की बात को भी नकारा नही है। वही उन्होंने मीडिया से बातचीत कर जेल मेन्यूल के संबंध में तमाम जानकारी भी साझा की। इधर, जिला जेल के उपाधीक्षक के.के. कुलश्रेष्ठ भी तस्वीर के वायरल होने पर हैरानी जताई है लेकिन उन्होंने इस बात को माना है कि किसी की साजिश है। हालांकि जेल मैन्युल साफ कहता है कि कोई महिला बंदी से किसी भी तरह की बातचीत के दौरान जेल की एक महिलाकर्मी का मौजूद होना जरूरी होता है और बस ये ही वजह है कि इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है।

फिलहाल, सच क्या है ,और क्या वाकई ये कोई साजिश है ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन इंदौर से वायरल हुई तस्वीर ने तमाम सवाल अब व्यवस्थाओं पर उठा दिए है जिसका जबाव भी व्यवस्था को संचालित करने वालों को ही देना होगा। संजय पांडे जो की डीआईजी जेल है इसलिए उन्हें इस मामले में इंदौर पहुंचाया गया था। ये कोई पहला मामला नहीं जब जेल में बन्द सजायफ्ता या फिर अंडर ट्रायल आरोपियों के साथ जेल अधिकरियों के साथ मामला उजगार हुआ है। खैर मामले में जांच जारी है और जल्द ही महिला से मुलाकात का किस्सा भी खुल कर सामने आएगा।

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