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‘ईज ऑफ डूइंग’ बिजनेस में मध्य प्रदेश तीन पायदान ऊपर, देश में चौथा स्थान

भोपाल। ‘ईज ऑफ डूइंग’ बिजनेस (Ease of Doing Business) में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) ने तीन पायदान ऊपर छलांग लगाई है। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 की जारी रैकिंग में मध्य प्रदेश को चौथा स्थान मिला है, जबकि इसके पहले प्रदेश सातवें नंबर पर था। इस रैंकिंग से राज्य में कारोबार करने की संभावना व सहूलियत और ज्यादा बढ़ गई है।

देश में कारोबार के माहौल को बेहतर आयाम देने के लिए यह रैंकिंग दी जाती है। कारोबार सुधार की दिशा में की गई सरकारी पहल के आधार पर ही मूल्यांकन होता है। मध्य प्रदेश ने इस दिशा में लगातार तरक्की है। वर्ष 2017-2018 में 22वें स्थान से छलांग लगाकर मध्य प्रदेश सातवें नंबर पर आया था यानी प्रदेश में कारोबारी माहौल बनाने में लगातार सुधार हुआ है। इस बार का मूल्यांकन वषर्ष 2018-19 की अवधि में किए कार्यो के आधार पर हुआ है। कुल 187 सुधार बिंदु थे, जिनकी कसौटी पर राज्यों की श्रेणी तय की गई है।

मध्य प्रदेश ने जबरदस्त सुधार दिखाया है। राज्य ने क्रियान्वयन में सौ प्रतिशत का स्कोर हासिल किया है। इसे शिवराज सरकार की सबसे अहम उपलब्धि माना जा रहा है। अभी हाल में शिवराज ने वेबिनार के जरिये मध्य प्रदेश को तीन वषर्ष में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेषषज्ञों के साथ मंथन किया तो उनकी पहली प्राथमिकता कारोबार में देश-विदेश से पूंजी निवेश को ब़़ढावा देने पर ही थी।

2017-18 में 22वें से सातवें पर आया था मध्य प्रदेश

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में मप्र ने 2017-18 में भी लंबी छलांग लगाई थी। तब 22वें नंबर से मप्र 97.31 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें स्थान पर आकर टॉप-10 की सूची में शामिल हुआ था, हालांकि इससे पहले 2015 की रिपोर्ट में आई रैकिंग में मप्र टॉप पांच राज्यों (पांचवे नंबर) में शामिल था।

निवेश क्षेत्र में आया सुधार

केंद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में मप्र को सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता के मामले में बेहद सुधार आया है। औद्योगिक संगठनों से लिए गए फीडबैक में भी मप्र का प्रदर्शन अच्छा रहा है। राज्य सरकार ने बिजनेस या उद्योग शुरू करने वाले व्यक्ति को सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाकर सभी आवेदन और आवश्यक मंजूरियों को आसान बनाया है।

संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मध्य प्रदेश

‘ईज आफ डूइंग’ बिजनेस में अब हमारा लक्ष्य पहले या दूसरे स्थान पर आने का है। भारत सरकार से मार्गदर्शन लेकर हम औद्योगिक क्षेत्र के लिए माहौल को और अनुकूल बनाएंगे। उद्योगों का भी भरोसा हमने जीता है। सिंगल विंडो सिस्टम में और पारदर्शिता ला रहे हैं। जमीन आवंटन या नीलामी की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। — संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मप्र

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