Cover

लखीमपुर में मार-पीट में तीन बार के विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत, बेटा गंभीर

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश में खाकी और खादी का असर खत्म होता जा रहा है। लखीमपुर खीरी में रविवार को जमीन के विवाद में पूर्व विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा की मार-पीट में मौत हो गई। इतना ही नहीं बेटे को भी अधमरा कर दिया गया ।

लखीमपुर के थाना संपूर्णानगर क्षेत्र के त्रिकौलिया पढ़ुवा में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्ष रविवार को दिन में ही भिड़ गए। इसमें एक पक्ष पलिया का और दूसरा पक्ष पूर्व विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना का है। यहां पर जमीन पर कब्जेदारी के विवाद के दौरान मारपीट भी हुई, जिसमें पूर्व विधायक के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ी। उन्हेंं अस्पताल ले जाया जा रहा था रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान पूर्व विधायक को हार्टअटैक पड़ा। इससे उनकी मौत हो गई। वहीं पूर्व विधायक के पुत्र ने उनकी पीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।सूचना पाकर पहुंची पुलिस पड़ताल में जुट गई है। इस मामले में पुलिस पर दबंगों से मिलीभगत का आरोप है। लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा से निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना तीन बार के विधायक रहे है।

एसपी ने दी सफाई-गिरने से हुई मौत

एसपी सतेंद्र कुमार ने घटना के बाद सफाई देते हुए कहा कि पूर्व विधायक की मौत विवाद के दौरान गिरने से हुई है। एसपी सतेंद्र कुमार ने बताया कि निर्वेन्द्र उर्फ मुन्ना और समीर गुप्ता पुत्र किशन लाल गुप्ता व राधेश्याम गुप्ता के बीच विवादित जमीन के कब्जे को लेकर वाद विवाद हुआ था। विवाद के दौरान निर्वेन्द्र मिश्रा गिर गए थे,उन्हें सीएचसी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। विवादित जमीन समीर गुप्ता के नाम से थी, जिसके कब्जे को लेकर निर्वेन्द्र मिश्रा द्वारा विरोध किया जा रहा था। इससे पहले पूर्व विधायक और उनके बेटे को शांतिभंग की कार्रवाई भी हो चुकी है। निर्वेंद्र मिश्रा व उनके पुत्र के खिलाफ पूर्व में 107/116 सीआरपीसी की कार्रवाई भी की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि हो जाएगी।

बताया जाता है कि कई साल पहले पूर्व विधायक ने अपनी साढ़े तीन एकड़ जमीन किसी के हाथ बेची थी। जिसने जमीन खरीदी थी उसने जमीन की पैमाइश के लिए अर्जी डाली थी। इसकी पैमाइश हुई तो वह जमीन साढ़े तीन की जगह साढ़े चार एकड़ निकली। सारा मसला इसी बात पर फंसा हुआ था। पूर्व विधायक का कहना था कि उन्होंने जितनी जमीन बेची है उतने पर ही कब्जा हो, जबकि दूसरा पक्ष पूरी जमीन पर काबिज होना चाहता था।  सारे फसाद की जड़ जमीन का एक टुकड़ा था जिसके कारण रविवार को विवाद हुआ और असमय ही लोकप्रिय पूर्व विधायक का निधन हो गया।

आरोप है कि कब्जा रोकने के लिए दबंगों ने मार-पीट की, जिसमें चोटिल पूर्व विधायक मौत हो गई। उनके में दौड़े बेटे संजीव कुमार को पीटा गया। दोनों की हालत बिगड़ गई। परिवार वालों ने दोनों को वाहन पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में पूर्व विधायक की मौत हो गई। संजीव को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पूर्व विधायक परिवार का आरोप है कि विपक्षीगण सैकड़ों हथियार से लैस लोगों को लेकर आए थे।

तीन बार रहे विधायक 

करीब 75 वर्षीय निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना दो बार निर्दलीय तथा एक बार समाजवादी पार्टी से विधायक थे। प्रदेश में 10वीं से 12 विधानसभा में निर्वेंद्र मिश्र 1989 से 1993 तक तीन बार विधायक रहे। 1989 में पहली बार निर्दलीय चुनाव जीता था। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव जीता, वहीं, 1993 के चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy