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लॉकडाउन के बाद फिर पटरी पर दौड़ी लखनऊ मेट्रो, यात्रियों में दिखा उत्साह

लखनऊ: कोविड-19 महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन के कारण पांच महीने से अधिक समय से थमी रही लखनऊ मेट्रो रेल सेवा सोमवार सुबह से फिर शुरू हो गयी। चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से लेकर मुंशीपुलिया तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर सुबह छह बजे से शुरू हुई मेट्रो सेवा में यात्रियों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखी, लेकिन ज्यों ज्यों दिन चढ़ता गया, यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। एक अधिकारी के मुताबिक रात 10 बजे तक लगभग 7000 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया।

लखनऊ मेट्रो ने लॉकडाउन के बाद इस नई पारी में यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते ट्रेनों और स्टेशनों की साफ़-सफ़ाई और सैनिटाइज़ेशन के लिए व्यापक इंतजाम किया है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने मुंशीपुलिया से हज़रतगंज मेट्रो स्टेशन तक सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और यात्रियों से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया भी जानी। केशव ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत से जुड़ी हर छोटी से छोटी बात का हम पूरी तरह ख़्याल रखते हैं। मेट्रो तंत्र में साफ़-सफ़ाई और सैनिटाइज़ेशन की व्यवस्थाएं यह साबित करती हैं कि लखनऊ मेट्रो, शहर में मौजूद सार्वजनिक यातायात के अन्य किसी भी साधन से अधिक सुरक्षित है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने लखनऊ मेट्रो के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से संबंधित हर मानक दिशा-निर्देशों का विस्तार से जिक्र किया गया है। मेट्रो यात्री, कंपनी की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर इस योजना की कॉपी देख सकते हैं और आश्वस्त हो सकते हैं कि लखनऊ मेट्रो, शहर में यात्रा करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे सुरक्षित साधन है। इसके पूर्व, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो की सेवाएं सुबह छह बजे शुरू हो गईं। पहले की ही तरह सोलह ट्रेनें चलाई गईं। शुरूआत में यात्रियों की संख्या कम थी लेकिन दिन चढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ती गयी ।”

उन्होंने बताया कि मेट्रो सेवा बहाल होने से उत्साहित यात्रियों में इस बात की खुशी थी कि कोरोना महामारी के दौरान अब बस और टेम्पो की यात्रा नही करनी पड़ेगी बल्कि एक सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिल गया है। उन्होंने बताया कि मुसाफिर मेट्रो से यात्रा करने के लिए स्मार्ट कार्ड और टोकन दोनों का ही इस्तेमाल कर सकेंगे। लखनऊ मेट्रो देश की पहली ऐसी सेवा है जहां पर टोकन को सैनिटाइज़ करने के लिए यूवी तकनीक का इस्तेमाल होगा।

उप्र मेट्रो के अधिकारियों ने रविवार को मेट्रो संचालन की तैयारियों का जायजा लिया। बाद में जारी एक बयान के मुताबिक लखनऊ मेट्रो प्रबन्धन कोरोना काल में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हर बिंदु का संज्ञान ले रहा है और उसने स्पर्शरहित यात्रा, सैनिटाइज़ेशन, सामाजिक दूरी और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश में मेट्रो सेवा 22 मार्च से लॉकडाउन के कारण बंद हो गयी थी। लॉकडाउन से पहले मेट्रो में प्रतिदिन 60 से 70 हजार यात्री यात्रा करते थे।

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