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जेईई मेन परीक्षा के दोनो पेपरों के लिए कुल 9.5 लाख हुए थे रजिस्ट्रेशन, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बीजेपी के राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी जेईई मेन परीक्षाओं में छात्रों की उपस्थित को लेकर किये गये ट्वीट का आज, 10 सितंबर को एक बार फिर से जवाब देते हुए जेईई मेन परीक्षा से सम्बन्धित आकड़ों की जानकारी दी। शिक्षा मंत्री ने कहा, “डीजी एनटीए से प्राप्त जानकारी के अनुसार जेईई मेन पेपर 1 के लिए 660 और पेपर 2 के लिए 570 यूनिक सेंटर्स बनाये गये थे। साथ ही, पेपर 1 के लिए कुल 8.41 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था तो पेपर 2 के लिए 1.12 लाख उम्मीदवारों ने और दोनो पेपरों को मिलाकर कुल 9.53 लाख रजिस्ट्रेशन कराये गये थे।”

कल भी दी थी जानकारी

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा इस माह के आरंभ में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक देश भर में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2020 का आयोजन किया गया। जेईई मेन परीक्षा के लिए पंजीकृत और सम्मिलित हुए उम्मीदवारों की संख्या की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “जेईई मेन परीक्षा के लिए 8.58 लाख आवेदकों में से 6.35 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सम्मिलित हुए। केंद्र और सम्बन्धित राज्यों की सरकारों द्वारा छात्रों को सभी संभव सहायता उपलब्ध करायी गयी जिसके लिए मै सभी राज्यों की सरकारों की प्रशंसा करता हूँ।“ शिक्षा मंत्री ने जेईई मेन 2020 परीक्षा से सम्बन्धित यह आकड़े बीजेपी के राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा बुधवार, 9 सितंबर को सोशल मीडिया पर जेईई मेन परीक्षा के लिए पंजीकृत और सम्मिलित हुए उम्मीदवारों की संख्या को लेकर किये गये आलोचनात्मक ट्वीट के जवाब में दिये। राज्य सभा सांसद ने ट्वीट करके कहा था कि 18 लाख (प्रवेश पत्र) डाउनलोड करने वाले उम्मीदवारों में से 8 लाख ही परीक्षा में शामिल हुए।

‘छात्रों ने जनवरी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया होगा’ – शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री ने परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों के बारे में जानकारी देते हुए राज्य सभा सांसद को जवाब दिया, “जेईई मेन परीक्षा का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। पिछली परीक्षा का आयोजन जनवरी में किया गया था। कई उम्मीदवार जो कि सितंबर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुए उन्होंने जनवरी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया होगा, इसलिए उन्हें इस परीक्षा में सम्मिलित होने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई होगी। हम इन आकड़ों का पता लगा रहे हैं।“

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