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Kangana Ranaut का एलान- टूटे हुए ऑफ़िस की नहीं कराएंगी मरम्मत, जानें क्या है वजह

नई दिल्ली। कंगना रनोट ने गुरुवार को टूटे-फूटे ऑफ़िस का दौरा करने के बाद एक बड़ा फ़ैसला किया है, जिसके मुताबिक वो अपने ऑफ़िस का रेनोवेशन यानि मरम्मत नहीं करवाएंगी। उसे इसी हाल में रखेंगी, जो एक औरत की इच्छाशक्ति की मिसाल बनेगा। बीएमसी ने कंगना के पाली हिल स्थित ऑफ़िस में अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की थी। हालांकि कंगना का दावा है कि उनके दफ़्तर में किसी तरह का अवैध निर्माण नहीं किया गया था।

बुधवार को बीएमसी की कार्रवाई के बाद कंगना ने गुरुवार को पहली बार अपने ऑफ़िस का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर लिखा- ”मैंने अपने ऑफ़िस की शुरुआत 15 जनवरी को की थी। कोरोना के शुरू होने से ठीक पहले। दूसरे सभी की तरह मैंने तभी से काम नहीं किया है। इसकी मरम्मत करवाने के लिए मेरे पास धन नहीं है। मैं उन्हीं अवशेषों के बीच से काम करूंगी। अपने ऑफ़िस को यूं ही उजड़ा हुआ रखूंगी, जो ऐसी औरत की इच्छाशक्ति की मिसाल बनेगा, जिसने इस दुनिया में उठने की कोशिश की।”

उधर, बीएमसी ने गुरुवार को हाई कोर्ट में अपना हलफ़नामा जमा किया, जिसमें कंगना के ऑफ़िस पर की गयी कार्रवाई को सही बताया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नियमों के तहत की गयी है। बीएमसी के हलफ़नामे पर कंगना के वकील को 14 सितम्बर तक जवाब देना है। इस जवाब के साथ कंगना को कुछ नये तथ्य रखने का मौक़ा भी मिलेगा।अब अगली सुनवाई 22 सितम्बर को होगी।

सोशल मीडिया में कंगना ने महाराष्ट्र सरकार और सीएम उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला जारी रखा, जिसमें कंगना के फैंस और फॉलोअर्स ने भी जमकर साथ दिया, जिसके चलते गुरुवार को दिनभर Kangana Vs Uddhav ट्रेंड होता रहा। केंद्र सरकार में मंत्री रामदास अठावले ने भी कंगना के खार स्थित घर जाकर मुलाकात की।

 

कंगना और बीएमसी के बीच तकरार सोमवार को शुरू हुई थी, जब बीएमसी की एक टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के कंगना के ऑफ़िस में छापामारी की। कंगना ने इसकी सूचना ट्विटर के ज़रिए फैंस तक पहुंचाई। कंगना को संदेह था कि बीएमसी उनके ऑफ़िस में तोड़फोड़ कर सकती है।

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