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दस करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने वाले बंटी-बबली पकड़ें, मध्यप्रदेश क्राइम ब्रांच ने नोएडा में खोले राज

भोपाल। मध्यप्रदेश क्राइम ब्रांच की साइबर विंग ने गूगल पर लोन का विज्ञापन देकर देश भर में लगभग दस करोड़ रुपये तक की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। बंटी-बबली फिल्म की तर्ज पर धोखाधड़ी कर रहे इस गिरोह के मुखिया उसकी मंगेतर और साली को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपित फरार है।

एडीजी उपेंद्र जैन ने शुक्रवार को बताया कि जनवरी 2020 में पद्मेश सिंह ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें बताया कि दिसंबर 2019 में एक वेबसाइट स्विफ्ट फाइनेंस द्वारा पर्सनल लोन का झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर साइबर विंग की टीम नोएडा (उप्र) पहुंची। वहां से डेविड कुमार जाटव (21), मनीषा भट्ट (27) और मनीषा की बहन नेहा (23) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से 6 लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 21 पेन ड्राइव, आठ सक्रिय सिम, 19 डेबिट कार्ड, 3 वेबसाइट्स के दस्तावेज, एक राउटर मय मोडेम, इंटरनेट कंवेटर और एक कार बरामद की गई है। जब्त सामग्री से मिली जानकारी के मुताबिक गिरोह ने दो वर्ष में लगभग दस हजार लोगों से दस करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

ऐसे फंसाते थे शिकार

डीआइजी इरशाद वली के मुताबिक आरोपित फर्जी वेबसाइट तैयार करते थे। इन वेबसाइट का गूगल ऐड के माध्यम से प्रचार करते थे। लोन लेने के इच्छुक लोग अपनी पर्सनल जानकारी डालते थे। इसके बाद कंपनी के कॉल सेंटर से युवतियां ग्राहकों को फोन करती थीं। बातचीत के दौरान उपभोक्ता से प्रोसेसिंग फीस, सुरक्षा राशि, जीएसटी एवं वनटाइम ट्रांजेक्शन के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक ठग लेते थे। इसके बाद फोन उठाना बंद कर देते और वेबसाइट भी बंद कर देते थे। एक वेबसाइट के जरिए ये लोग एक हजार से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी करते थे। लोगों से पैसे हड़पने के लिए फर्जी बैंक खाते और फोन करने के लिए फर्जी नाम-पते से खरीदी सिम का उपयोग करते थे।

गिरोह में किसकी क्या भूमिका

-डेविड कुमार जाटव: गाजियाबाद का रहने वाला डेविड गिरोह का मुखिया है। वह आरडीआइ वेब सॉल्यूशन नाम से आइटी कंपनी चलाता है। बीकॉम पास डेविड ने ऑनलाइन वेबसाइट डिजाइनिंग का कोर्स किया है। वह ठगी के लिए फर्जी वेबसाइट बनाता था। लोगों को झांसे में लेने के लिए इसने नोएडा में दो कॉल सेंटर डेढ़ लाख रुपये प्रति माह की दर से किराए पर ले रखे थे। इनमें 25-30 युवतियों को 15 हजार रुपये मासिक पगार पर रखा था। वे ग्राहकों को फोन कर लोन लेने के लिए जरूरी जानकारी देती थीं।

– नेहा भट्ट : उत्तराखंड की निवासी नेहा, डेविड की मंगेतर है। अगस्त 2018 से वह डेविड के साथ काम कर रही है। नेहा फर्जी कंपनियों के प्रबंधन का काम देखती है।

-मनीषा भट्ट: नेहा भट्ट की बहन है एवं डेविड की कंपनियों से ग्राहकों को फोन करने वाले कॉल सेंटर प्रबंधन का काम देखती है।

-कमल कश्यप (फरार): यह डेविड गिरोह को ग्राहकों से पैसे लेने हेतु फर्जी बैंक अकाउंट सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।

शिकायत के लिए नोडल अधिकारी से संपर्क करें

एडीजी उपेंद्र जैन ने बताया की आरोपितों ने ठगी के लिए सनलाइट, मूनलाइट, लाइफ लाइन, जस्ट क्लिक, ईजी लाइफ, फास्ट ग्रोईग, डिसकवरी फाइनेंस, स्विफ्ट फाइनेंस, स्टार फाइनेंस, स्काई फाइनेंस, ग्रोवल फाइनेंस, ग्रेटवे फाइनेंस नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई थीं। एडीजी जैन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की धोखाधड़ी के शिकार नोडल अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुनील रघुवंशी के मोबाइल नंबर 8602744849 पर संपर्क कर सकते हैं।

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