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राजनीति की आड़ में अपराध का बड़ा कारोबार चलाता था सिकंदर, पुलिस कस्टडी में खुले कई राज

सतना: सतना में दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गया सिकंदर न सिर्फ सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का ही मास्टरमाइंड नहीं था बल्कि वह फर्जीफिकेशन में भी माहिर था। उसने राजनीतिज्ञों से संपर्क बना रखे थे और उनके नामों को इस्तेमाल कर अपना उल्लू सीधा करता था। नाबालिग के साथ दुष्कृत्य करने के मामले में शिकंजे में फंसने के बाद पुलिस ने उसके इस फर्जीफिकेशन का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में भी उसके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। उधर शहर के नजीरबाद स्थित आरोपी के फ़ार्म हाउस का निर्माण अवैध पाए जाने के बाद उस पर बुलडोजर चलने की संभावना भी बढ़ गई है।

पुलिस के मुताबिक़ पाक्सो एक्ट में पकड़ा गया आरोपी समीर खान उर्फ़ सिकंदर उर्फ़ अतीक मंसूरी निवासी कम्पनी बाग़ हाल निवासी नजीराबाद राजनेताओं के नाम, पद और उनके लेटर हेड का इस्तेमाल करता था। वह फर्जी लेटर पेड पर फर्जी पत्र बना कर नेताओं के फर्जी हस्ताक्षर भी करता था। इन पत्रों का इस्तेमाल वह अपने रेलवे टिकट की दलाली के काम के लिए करता था। कहीं का भी कोई भी टिकट हो आरोपी समीर कन्फर्म करके देता था। रेल टिकट कन्फर्म कराने के लिए वह सांसदों – विधायकों के लेटर पेड पर उनके स्कैन किये हुए हस्ताक्षर फर्जी तरीके से बना कर वीआईपी कोटा के लिए आवेदन पेश करता था।

पुलिस ने जब उसके रीवा रोड में प्रताप होटल स्थित साइबर कैफे की तलाशी ली तो वहां उसे बड़ी संख्या में प्रिंटेड लेटर मिले। इसके अलावा कम्प्यूटर में तमाम नेताओं के लेटर पेड , स्कैन किये हुए उनके दस्तखत भी मिले। पुलिस ने प्रिंटेड लेटर , कंप्यूटर सब कुछ जब्त कर लिया है। इस मामले में उसके खिलाफ थाना कोलगवां में अपराध क्रमांक 1108/2020 धारा 420,467,468,471 भादवि के तहत दर्ज किया गया है।

ब्लैकमेलर समीर खान उर्फ़ सिकंदर न केवल सतना बल्कि आसपास के जिलों के भी सांसद – विधायकों के लेटर पेड में फर्जी पत्र लिख कर रेलवे की टिकट बनवाता था। उसके पास भाजपा के दिग्गज नेता कैलाश विजय वर्गीय का लेटर पेड और हस्ताक्षर मिला है। इसके अलावा सतना सांसद गणेश सिंह, सीधी सांसद रीति पाठक,सतना के वर्तमान विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी, पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह तथा नीलम अभय मिश्रा के लेटर पेड और हस्ताक्षर मिले हैं।

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