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लोकसभा में अनुराग के ‘बोल’ पर मचा बवाल, सदन चार बार हुआ ठप

नई दिल्ली। कोरोना काल में शांति से चल रहे मानसून सत्र के दौरान वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के विवादित बोल ने शुक्रवार को लोकसभा में भारी बवाल खड़ा कर दिया। विपक्षी दल कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने अनुराग और कुछ भाजपा सदस्यों के विवादित बयानों पर जमकर हंगामा किया और इसकी वजह से लोकसभा की कार्यवाही चार बार ठप हुई। विपक्षी तेवरों को देखते हुए अनुराग ठाकुर ने आखिरकार खेद जताया, तब सदन की कार्यवाही चल पायी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी सदन में हुई घटना को लेकर अपनी पीड़ा का इजहार किया। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ने जिस तरह सामंजस्य बनाकर पूरे माहौल को संभाला उसके लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने उनकी तारीफ की।

इस सत्र में सत्‍तापक्ष और विपक्ष के बीच पहला बड़ा विवाद

मौजूदा सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस पहले बड़े हंगामखेज विवाद की शुरुआत टैक्स संबंधी कानून में संशोधन विधेयक में पीएम-केयर्स फंड को रियायतें देने के प्रस्ताव को शामिल करने को लेकर हुई। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जब यह विधेयक पेश किया, तब कांग्रेस के शशि थरूर, मनीष तिवारी और अधीर रंजन चौधरी के साथ तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कुछ विधायी प्रस्तावों पर सवाल उठाया। पीएम-केयर्स फंड को टैक्स संशोधन बिल में लाने पर एतराज जताया। इनका तर्क था कि प्रधानमंत्री राहत कोष पहले से है और पीएम केयर्स में जमा हुई राशि को इसमें ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिए। पीएम-केयर्स फंड के कैग और आरटीआइ में नहीं रखे जाने पर सवाल उठाए गए।

…तो अनुराग ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोल दिया

वित्तमंत्री ने बिल पर विपक्ष की तीन-चार आपत्तियों का जवाब देने के बाद अनुराग ठाकुर को पीएम-केयर्स फंड पर उठाए सवालों का जवाब देने के लिए कहा। विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए अनुराग ने बेहद तीखे अंदाज में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष बनाने के फैसले पर ही सवाल उठा दिया। कांग्रेस सदस्यों ने जब एतराज किया तो अनुराग ने नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोल दिया। इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी का नाम लेते हुए अनुराग ने आरोप लगाए कि एक परिवार के फायदे के लिए अलग-अलग फंड बनाए गए और इसका चिठ्ठा खोला जाएगा।

 लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी नेताओं पर कर दी चुभने वाली टिप्पणी

इस हंगामे के बीच कांग्रेस ने वाकऑउट किया, तभी भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी नेताओं पर चुभने वाली टिप्पणी कर दी। टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी इससे आग बबूला हो गए और चटर्जी से उनकी तीखी झड़प हुई। गुस्से में बनर्जी सीट पर खड़े हो गए तब स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया। लेकिन बनर्जी ने कहा कि चाहे स्पीकर उन्हें सदन से निकाल दें, मगर वे अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटेंगे। इसी बीच सदन में लौटे कांग्रेस सदस्यों ने अनुराग से माफी की मांग कर हंगामे का उबाल और बढ़ा दिया।

आखिरकार अनुराग ठाकुर ने जताया खेद

अधीर रंजन ने अनुराग के ऊपर भी बेहद तीखे प्रहार किए। हंगामे की वजह से चार बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। अंतत: स्पीकर के कक्ष में बनी सहमति के अनुरूप अनुराग के सदन में खेद जताने के बाद गतिरोध खत्म हुआ। अनुराग ने कहा कि सदन में किसी की भावनाओं को आहत करने का उनका इरादा नहीं था और उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो मुझे भी उसकी पीड़ा है। वहीं, राजनाथ सिंह ने स्पीकर के कुशल सदन संचालन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सदन में आज की घटना पर उद्वेलित होने के बाद भी जिस तरह स्पीकर ने समाधान निकाला उसकी तहेदिल से वे सराहना करते हैं। राजनाथ ने कहा कि अनुराग युवा नेता और अच्छे वक्ता हैं और आज के बयान पर अपनी पीड़ा का इजहार कर चुके हैं और वे खुद भी इस पीड़ा को महसूस कर रहे हैं। अधीर रंजन ने भी स्पीकर की भूमिका की सराहना की और इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।

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