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परिवहन नहीं होने पर लाखो का गेहूं उपार्जन केंद्र पर हो रहा खराब । जमीन पर उग गया पड़ा हुवा गेंहू

इनपुट हेड दारा सिंह आर्य की रिपोर्ट
कानड़। सरकार के द्वारा किसानो से समर्थन मूल्य पर गेहूं की बंपर खरीदी इस बार की गई।जिस तरह गेहूं कि खरीदी कि गई उस हिसाब से गेहूं का परिवहन नहीं हो रहा।अमूमन गेहूं को बारिश से बचने के लिए तिरपाल बरसाती का उपयोग भी भर पुर किया गया।हालाकि उपार्जन केन्द्र में एक निजी वेयर हाउस में में तो सुरक्षित अनाज रखा हुआ हे।लेकिन कृषि उपज मंडी शिव पहाड़ी पर बना उपार्जन केन्द्र जहा हजारों कुंटल गेहूं तिरपाल के सहारे हे।इस के बाद भी अभी हुई बारिश में गेहूं भीग गया।परिवहन नहीं होना ओर उस पर भी चुपकी साधना समझ से परे है। गेहूं खरीदी के समय परिवहन चल रहा था।लेकिन अचानक बीच में परिवहन रुकना कुछ संदेह लगता है।जिस भी कंपनी को टेंडर दिया उस को तत्काल उठाना था या गेहूं कि सुरक्षा होना थी।हालाकि अधिकारी भी बोल रहे हे की परिवहन जल्द किया जाएगा।
आख़िर इस नुकसान का जिम्मेदार कौन ?
उपार्जन केंद्र पर शासन ने किसानों से हजारों क्विलटन गेँहू की ख़रीदी तो कर ली लेकिन पिछले एक माह से गेँहू का परिवहन नही होने से हजारों क्विलटन गेँहू खुले में पड़ा हुआ है। ग्रीष्म ऋतु की बारिश से कई क्विलटन गेँहू भीग गया आख़िर इस नुकसान का जिम्मेदार कौन हैं ? जिम्मेदार अधिकारी खुले में रखे गेँहू की सुध क्यो नही ले रहे है।
प्राथमिक साख सहकारी संस्था कानड़, पचेटी, पचलाना ने मिल कर किसानों से गेँहू की खरीद की, जिसको जगह नही होने की वजह से मंडी परिसर में खुले में जमा दिया। ग्रीष्म ऋतु शुरू होने के पहले खुले में रखा गेँहू पानी मे भीग गया। लेकिन अब ग्रीष्म ऋतु शुरू होने के बाद भी हजारों क्विलटन गेँहू खुले में रखा हैं। जो बुधवार को हुई बारिश से भीग गया। वही इस का जिला अधिकारियों ने निरीक्षण कर खराब हुवे गेहूं को मजदूरों के सहारे हटाया जा रहा हे।वही बारिश में भीगे गेहूं को फिर से सूखा कर ही आगे भेजा जा सकता है।
इनका कहना
अभी परिवहन नहीं होने के कारण गेहूं आगे भेजने में परेशानी आ रही है।जल्द ही गेहूं को भेजने की तैयारी की जाएगी।बारिश में भीगी गेहूं कि बोरियों को छठ वाया जा रहा है। आर के शर्मा प्रबंधक वेयर हाउससिंग कॉर्पोरेशन आगर मालवा

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