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भोपाल स्टेशन पर दुष्कर्म के मामले में रेलवे ने आरोपित कर्मचारियों को किया निलंबित

भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर शनिवार हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपित राजेश तिवारी और उसके साथ शामिल आलोक मालवीय को रविवार निलंबित कर दिया है। डीआरएम उदय बोरवणकर ने शनिवार रात को ही मामले में जांच के आदेश दिए थे। रेलवे की प्राथमिक जांच में भी दोनों आरोपित मिले हैं इसलिए यह कार्रवाई की गई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट 2 अक्टूबर तक आने की संभावना है।

बता दें कि महोबा की रहने वाली एक युवती ने भोपाल रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की है। यह शिकायत उसने जीआरपी थाना भोपाल में की है। उसके बाद जीआरपी ने शनिवार को ही राजेश तिवारी को मुख्य आरोपित बना लिया था संदिग्ध आलोक मालवीय व अन्य से भी पूछताछ की जा रही रही है। मंडल में राजेश तिवारी डीआरएम कार्यालय में सीनियर सेक्शन इंजीनियर सेफ्टी और आलोक मालवीय भोपाल स्टेशन पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत के पद पर कार्यरत थे।

एसपी(रेल) हितेश चौधरी ने बताया कि 22 वर्षीय युवती का राजेश तिवारी से परिचय झांसी में रहने वाले एक रिश्तेदार के माध्यम से हुआ था। परिचय के बाद युवती की राजेश से फोन पर बात होने लगी। राजेश ने युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर भोपाल बुलाया। शनिवार सुबह सात बजे वह भोपाल एक्सप्रेस से भोपाल पहुंची। राजेश तिवारी ने स्टेशन के वीआइपी गेस्ट रूम में उसके रुकने का इंतजाम करवा दिया। शिकायत में युवती ने बताया कि 11 बजे के आसपास राजेश तिवारी कमरे पर आया। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति भी वहां आया। उन्होंने युवती से शीतल पेय पीने का आग्रह किया। उसे पीने के बाद कुछ होश नहीं रहा। दोपहर तीन बजे बेहोशी टूटने पर उसे दुष्कर्म का पता चला। इसके बाद वह थाने पहुंची।

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