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आवासीय विद्यालयों में स्वीकृत सीटों के अनुसार छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित हो —मंत्री मिना सिंह

आदिम-जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक

। आदिम-जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह ने कहा है कि विभाग द्वारा संचालित एकलव्य समेत अन्य आवासीय विद्यालयों में स्वीकृत सीटों के अनुसार शत-प्रतिशत छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधा के समान ही राज्य सरकार के कन्या आवासीय विद्यालयों के की छात्राओं भी यह सुविधा दी जाए। आदिम-जाति कल्याण मंत्री मीना सिंह आज मंत्रालय में संचालक मंडल की 35वीं बैठक को संबोधित कर रही थीं। बैठक में प्रमुख सचिव आदिम-जाति कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल सहित स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

आदिम-जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संस्था के लिये मंजूर क्वालिटी सेल को तत्काल शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। मंत्री सुश्री मीना सिंह ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये मंजूर राशि का उपयोग करने और निर्माण कार्य तत्काल शुरू किये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

आदिम-जाति कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती पल्लवी जैन गोविल ने एकलव्य आवासीय विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिये एजेंसी का चयन करने में संयंत्रों के रख-रखाव की शर्तों का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिये। उन्होंने एकलव्य संस्थाओं में मंजूर शैक्षणिक पदों पर चयन प्रक्रिया को तत्काल शुरू किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। प्रमुख सचिव ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में जिला स्तर पर होने वाली निगरानी समिति की बैठक का प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से राज्य मुख्यालय बुलाया जाए। बैठक में आयुक्त आदिम-जाति कल्याण बी. चंद्रशेखर ने बताया कि प्रदेश में संचालित 22 कन्या शिक्षा परिसरों के लिये ‘अपना विद्यालय अपना घर’ योजना की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। योजना का क्रियान्वयन इसी शैक्षणिक सत्र में शुरू किया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि इस शैक्षणिक सत्र में 123 विशिष्ट आवासीय संस्थाओं में कक्षा-6 और 9वीं में प्रवेश परीक्षा का आयोजन ई-गवर्नेंस सर्विस इण्डिया लिमिटेड के माध्यम से किया जा चुका है। प्रदेश में रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी के माध्यम से 46 एकलव्य आदर्श विद्यालय, 69 कन्या शिक्षा परिसर और 8 आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें विद्यार्थियों के लिये 60 हजार 400 से अधिक सीटें मंजूर हैं। बैठक में बताया गया कि 30 एकलव्य विद्यालयों में ऑडिटोरियम के लिये 60 करोड़ रूपये की राशि मंजूर हुई है। दो एकलव्य आवासीय विद्यालयों के उन्नयन के लिये 7 करोड़ के मान से राशि मंजूर की गई है। बैठक में एकलव्य आवासीय विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार छात्रों को अध्ययन कराये जाने पर भी चर्चा हुई।

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