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पीसा में सम्मिलित होंगे मध्यप्रदेश के विद्यार्थी — अन्य राज्यों ने भी सराहा मध्यप्रदेश की शैक्षिक गतिविधियों को


भोपाल । मध्यप्रदेश के स्कूली विद्यार्थी अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली मूल्यांकन प्रक्रिया में भी शामिल होंगे। वैश्विक स्तर पर संचालित होने वाले प्रोग्राम फार इन्टर नेशनल स्डूडेण्ट्स असेसमेंट टेस्ट-पीसा (पीआईएसए) में मध्यप्रदेश के विद्यार्थी वर्ष 2024 में सम्मिलित होंगे। इस मूल्यांकन में छात्र-छात्राओं की वर्ष 2024 एवं 2027 में सहभागिता करने की दृष्टि से प्रारम्भिक तैयारियों एवं रणनीति तैयार करने के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) के चेयरमेन मनोज आहूजा, शैक्षिक निदेशक जोजेफ इमानुअल, तथा वर्ष 2021-22 में पीसा में सम्मिलित होने वाले केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के संचालक लोकशिक्षण रूविन्दर जीत सिंह करार के बीच वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा हुई। चर्चा में श्रीमती रश्मि अरूण शमी प्रमुख सचिव, जयश्री कियावत, आयुक्त लोकशिक्षण, लोकेश कुमार जाटव आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सहभागिता की गई।

बैठक के प्रारम्भ में सीबीएसई के चेयरमेन मनोज आहूजा ने मध्यप्रदेश द्वारा पीसा में सम्मिलित होने के निर्णय की सराहना की तथा सीबीएसई के प्रतिनिधियों द्वारा पीसा की तैयारी हेतु तैयार की गई रणनीति की जानकारी दी।

श्रीमती शमी ने प्रदेश किए जा रहे शैक्षिक प्रयासों पर चर्चा के साथ ही कोविड-19 के संकट काल में प्रदेश में शिक्षकों एवं बच्चों के लिए अपनाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल टेक्नालॉजी एवं अन्य संसाधनों जैसे रेडियो, टेलीविजन का किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है इस विषय पर आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा ”पढ़ाई नहीं रूकेगी” का प्रस्तुतिकरण किया गया।

डॉ. श्वेता सिंह, संयुक्त सचिव एकेडेमिक्स सीबीएसई द्वारा पीसा की तैयारियों के संबंध में सीबीएसई के अनुभवों के आधार पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें पीसा के अंतर्गत मुख्य रूप से पढ़ने की साक्षरता, गणितीय साक्षरता तथा विज्ञान की साक्षरता पर आधारित 21 वीं सदी के कौशल जैसे क्रिटिकल थिंकिंग, प्रोब्लम साल्विंग, डिजिटल साक्षरता, सोशल रिस्पांसिबिलिटी इत्यादि विकसित करने के लिए कक्षा कक्ष में शिक्षण पेडागाजी एवं असेसमेंट सिस्टम में एक बड़े परिवर्तन की आवश्यकता के साथ-साथ शैक्षिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से शालाओं में किए जाने वाले आवश्यक सुधारों पर आधारित बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी विशेषज्ञों के द्वारा मध्यप्रदेश के शैक्षिक कार्यों की प्रशंसा की गई। इस दौरान हरियाणा राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रतिनिधियों द्वारा मध्यप्रदेश में संचालित शैक्षिक योजनाओं की सराहना कर अपने राज्य में भी संचालित करने की मंशा जाहिर की। इन राज्यों ने विशेषतः मध्यप्रदेश की सी.एम. राइज़ डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण योजना को अपनाने के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि अभी तक प्रदेश की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत चार चरणों में प्रशिक्षण के लिये 10 लाख से अधिक शिक्षक पंजीकृत अथवा प्रशिक्षित हो चुके हैं।

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